भीषण गर्मी का तांडव: हरियाणा के इन इलाकों में गहराया जलसंकट

भीषण गर्मी का तांडव: हरियाणा के इन इलाकों में गहराया जलसंकट
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 चंडीगढ़। पूरे देश के साथ-साथ हरियाणा में भी भीषण गर्मी ने तांडव मचा दिया है।  इसके चलते यहाँ पीने के पानी का संकट गहरा गया है। सबसे विकट स्थिति राजस्थान की सीमा से सटे दक्षिण और मध्य हरियाणा के अंदरूनी गांवों में हैं, जहां गर्मी भी अधिक पड़ रही और पीने का समुचित पानी भी उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने सभी अधीक्षण अभियंताओं से टैंकर के जरिये ऐसे स्थानों पर पानी पहुंचाने के आदेश दिए हैं।

पानी के अभाव में पशुओं के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। राज्य के अधिकतर तालाब या तो साफ नहीं हैं या फिर उनमें पानी सूख रहा है। राज्य सरकार ने हालांकि तालाब विकास प्राधिकरण का गठन कर रखा है, लेकिन कुछ गांवों को छोड़कर अधिकतर गांवों में तालाब साफ नहीं हैं। कई तालाबों की चारदीवारी भी नहीं बन पाई, जिस कारण उसमें गंदगी कम होने के बजाय बढ़ रही है। यह स्थिति तब है, जब राज्य सरकार तालाबों के साफ सुथरे होने का दावा करने के साथ ही उसके पानी के जरिये सिंचाई का दम भर रही है।

हरियाणा में 6804 गांव हैं। राज्य में 127 गांव अभी भी ऐसे हैं, जहां प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर से भी कम पानी उपलब्ध हो रहा है। 4062 गांवों में 40 से 55 लीटर के बीच तथा 2615 गांवों में 70 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से मुहैया है। गर्मी के सीजन के चलते इस पानी की उपलब्धता में भी खासी कमी आ गई है। सबसे भयंकर स्थिति राजस्थान की सीमा की सटे जिलों में है। यही हाल दक्षिण हरियाणा के आधा दर्जन जिलों का है, जहां पानी के लिए लोग और मवेशी तरस रहे हैं।

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अतीत में जाएं तो एक बार भिवानी में जब पानी का संकट पैदा हुआ था, तब इलाके के छात्र नेता चौ. संपूर्ण सिंह ने अपनी टीम के जरिये लोगों को टैंकर से पानी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई थी। अब राज्य सरकार ने भी इसी तर्ज पर पानी मुहैया कराने का दावा किया है, लेकिन सरकार के प्रयास सिरे चढ़ते नजर नहीं आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकार किया था कि कुछ स्थानों पर सिर्फ इसलिए चुनाव का बहिष्कार किया गया, क्योंकि पानी व बिजली की समस्या थी। अब सरकार इसे गंभीरता से लेकर उनका समाधान करने में लगी है।

हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्य मंत्री बनवारी लाल का कहना है कि गर्मी के चलते पानी की जरूरत और मांग बढ़ गई है। इसके देखते हुए विभाग के सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में पीने के पानी की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है तो वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाए। विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सप्ताह में एक बार अपने सर्कल क्षेत्र का दौरा करें तथा वहां पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को विधायक व प्रशासन के साथ मिलकर हल कराएं।

हरियाणा में जलस्तर औसतन साढ़े पांच मीटर तक नीचे चला गया है। इसे गंभीर मानते हुए राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल का कहना है कि विभाग द्वारा प्रयोग किए गए जल के लिए ट्रीटेड वाटर पॉलिसी बनाई जा रही है। इसके लागू होने के पश्चात यह उपचारित जल बागवानी, कारखानों और बिजली के संयंत्रों में प्रयोग किया जा सकेगा, जिससे नहरी पानी की बचत होगी और यह नहरी पानी पीने के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा।

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