राजीव रंजन ने कहा मुझे लालू के इशारे पर पार्टी से निकाला गया

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पटना, 22 अगस्त। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साध रहे विधायक राजीव रंजन को जदयू ने पार्टी से छह वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजीव रंजन ने कहा कि लालू प्रसाद के इशारे पर उन्हें पार्टी से निकाला गया है। वे अब लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाएंगे।

राजीव यह कहते रहे हैं कि वे असली जदयू में हैं, जिसमें 65 विधायक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से भी इस्तीफे की मांग की थी। मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए उन्होंने बिहार में राइट टू ब्राइब (घूस का अधिकार) लागू करने की बात कही थी। उनके अनुसार जो हालात हैं, उसमें घूसखोरी को कानूनी मान्यता दे देनी चाहिए।

राजीव रंजन, नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के इस्लामपुर से विधायक हैं। उन्होंने सोमवार को कहा था कि जीतन राम मांझी सरकार के पास भ्रष्टाचार रोकने के लिए नैतिक बल नहीं है। हर काम की कीमत तय है। विभाग में बड़े अफसरों ने अपना रेट खोल रखा है। सरकार ने घूसखोरी रोकने को जो भी कदम उठाए हैं, वे बस दिखावटी व सजावटी है। ऐसे में यहां राइट टू ब्राइब लागू करने के अलावा और कोई चारा नहीं है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार पर दिया गया बयान चर्चित हुआ था। उन्होंने कहा थी कि नीतीश सरकार में विकास तो हुआ, लेकिन भ्रष्टाचार बढ़ गया। हालांकि वे बाद में इससे मुकर गए थे।

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