घरों में जलापूर्ति, मेंटेनेंस व कनेक्शन का काम प्राइवेट एजेंसी करेगी

घरों में जलापूर्ति, मेंटेनेंस व कनेक्शन का काम प्राइवेट एजेंसी करेगी
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घरों में जलापूर्ति, मेंटेनेंस व कनेक्शन का काम प्राइवेट एजेंसी करेगी

नगर विकास सचिव ने जुडको को दिया ट्रांजेक्शन एडवाइजर बहाल करने का निर्देश, दूसरे फेज में बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट

 


रांची. राजधानी रांची में प्रत्येक घर तक पानी पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। अम्रुत योजना के तहत जलापूर्ति योजना के फेज वन का काम दुर्गा पूजा के बाद शुरू होगा। फेज वन में 14 वाटर टॉवर बनेंगे और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछेगी। 10 स्थानों पर वाटर टॉवर बनाने के लिए विभिन्न विभागों से जमीन का एनओसी मिल गया है। चार स्थानों पर एनओसी का मामला फंसा हुआ है। इसे देखते हुए नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने  जुडको को सितंबर के पहले सप्ताह में वाटर सप्लाई योजना का टेंडर निकालने का निर्देश दे दिया है।

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प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कार्यालय में योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 तक प्रत्येक घर में पानी पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि फेज वन का काम अम्रुत योजना के फंड से होगा। वहीं फेज टू के कार्य पर होने वाले खर्च का वहन सरकार करेगी। सचिव ने फेज टू में प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और जलापूर्ति योजना के ऑपरेशन और मेंटनेंस के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर बहाल करने का निर्देश दिया है। जो यह आकलन करेगा कि कहां क्या बदलाव लाने की जरूरत है। इंफ्रास्ट्रक्चर में क्या-क्या बदलाव लाने की जरूरत है, वाटर कनेक्शन कैसे दिया जाए और यूजर चार्ज वसूलने की क्या व्यवस्था होगी। मौके पर जुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 
ट्रांजेक्शन एडवाइजर तैयार करेगा असेस्मेंट रिपोर्ट: शहरी जलापूर्ति योजना को प्राइवेट पार्टी को देने की तैयारी हो रही है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत जलापूर्ति योजना निजी ठेकेदार को दी जाएगी। ठेकेदार ही वाटर कनेक्शन देगा और प्रतिमाह वाटर यूजर चार्ज की वसूली भी ठेकेदार करेगा। हालांकि वर्तमान में रांची नगर निगम वाटर कनेक्शन देता है और निगम द्वारा आउटसोर्स की गई कंपनी स्पैरो सॉफ्ट द्वारा वाटर यूजर चार्ज की वसूली की जा रही है। पीपीपी मोड पर जलापूर्ति व्यवस्था देने से पहले ट्रांजेक्शन एडवाइजर बहाल किया जाएगा। यह एक तरह से निजी कंसल्टेंट होगा, जो जलापूर्ति व्यवस्था का असेस्मेंट करके एक रिपोर्ट तैयार करेगा। इसमें आकलन होगा कि कितने पानी की आपूर्ति की जरूरत है।
जनवरी से प्रत्येक दिन पानी मिलेगा, लॉन्ग टर्म पर भी काम शुरू करने का निर्देश: सचिव ने कहा कि शॉर्ट टर्म प्रोजेक्ट के तहत रांची और धनबाद में जनवरी 2019 से प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिदिन जलापूर्ति करने की योजना पर काम चल रहा है। पेयजल स्वच्छता विभाग इस पर काम कर रहा है, उसके साथ  जुडको के इंजीनियर समन्वय स्थापित करें, ताकि आने वाली गर्मी में लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़े। इसके अलावा अगले 30 वर्ष यानी वर्ष 2050 तक के लॉन्ग टर्म  प्लान को लेकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने आदित्यपुर और हजारीबाग जलापूर्ति योजना का टेंडर भी 4 सितंबर को निकालने का निर्देश दिया।

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Private agency water supply maintenance and connections in homes.
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