मोबाइल एप डायल-112 पर क्लिक करते ही पुलिस और एंबुलेंस पहुंचेंगी सिर्फ 10 मिनट में

मोबाइल एप डायल-112 पर क्लिक करते ही पुलिस और एंबुलेंस पहुंचेंगी सिर्फ 10 मिनट में
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मोबाइल एप डायल-112 पर क्लिक करते ही पुलिस और एंबुलेंस पहुंचेंगी सिर्फ 10 मिनट में, वाट्सएप-फेसबुक से भी रहेगा कनेक्ट, आज ट्रायल

सभी इमरजेंसी सुविधाओं को एक ही हेल्पलाइन पर देने का पहला प्रयोग, शुरुआत राजधानी से फिर 11 शहरों में

रायपुर. राजधानी के लोगों को अगले तीन महीने में डायल-112 के रूप में ऐसा मोबाइल एप मिलने जा रहा है, जिसमें एक साथ पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, वह भी क्लिक करने के 10 मिनट के भीतर। इस एप का कंट्रोल रूम सिविल लाइंस थाना परिसर में तैयार हो गया।

सोमवार यानी कल से इसका ट्रायल शुरू होगा। इसमें शहर के एक हिस्से से हेल्पलाइन नंबर-112 पर कॉल करके आग की सूचना दी जाएगी। यह सूचना सिस्टम से होती हुई फायर ब्रिगेड टीम को मिलेगी और दोनों ही टीमें उस जगह पर पहुंच जाएगी, जहां से कॉल आया था। इसका आदर्श रिस्पांस टाइम 10 मिनट रखा गया है। ट्रायल में यही चेक किया जाएगा कि वास्तविक टाइम क्या निकलेगा।

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एडीजी विज करेंगे मोबाइल एप की मॉनीटरिंग :इस मोबाइल एप को पुलिस मुख्यालय लांच कर रहा है और निगरानी एडीजी आरके विज को सौंपी गई है। उन्होंने रविवार की रात राजधानी पुलिस के अफसरों की मीटिंग ली और सोमवार के ट्रायल की रणनीति फाइनल की। इस मीटिंग में फायर ब्रिगेड वाले भी मौजूद थे। मिली जानकारी के मुताबिक डायल-112 के कंट्रोल रूम में 250 से ज्यादा कर्मचारी शिफ्ट के अनुरूप चौबीसों घंटे बैठेंगे। एप का ट्रायल और लांचिंग राजधानी से होगी। उसके बाद इसे प्रदेश के 11 शहरों में चालू किया जाएगा।

आज फायर, फिर पुलिस-एंबुलेंस :डायल-112 के कल होने वाले पहले ट्रायल में सिर्फ फायर ब्रिगेड को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में यानी 15 दिन बाद पुलिस और एंबुलेंस का ट्रायल होगा और रिस्पांस टाइम देखा जाएगा। इसकी कमी दूर करते हुए रिस्पांस टाइम 10 मिनट ही रखा जा रहा है। सितंबर के पहले पखवाड़े में तीनों सुविधाओं का एक साथ ट्रायल होगा और सितंबर में यह सेवा शुरू कर दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह इसे लांच करेंगे।

क्लिक से मैसेज और लोकेशन :डायल-112 के मोबाइल एप वर्जन में एक बड़ा बटन रहेगा। इसे क्लिक करते ही मैसेज कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगा कि संबंधित मोबाइल धारक को मदद की जरूरत है। कंट्रोल रूम में उसका लोकेशन भी दिखेगा। कंट्रोल रूम उस व्यक्ति से संपर्क करेगा, हालांकि बड़े बटन की सुविधा उन्हीं के लिए है जो इमरजेंसी में कॉल या मैसेज नहीं कर सकते। इस एप पर घटना के फोटो-वीडियो अपलोड करने का फीचर भी रहेगा।

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सोशल मीडिया से कनेक्ट :डायल-112 फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप से कनेक्ट रहेगा। इसके यूजर होमपेज में जाकर शिकायतें भेज सकेंगे। ऐसी शिकायतें गोपनीय रहेंगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि वेबपेज को भी ऐसा डिजाइन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आसानी से उसे समझ सकें और सोशल मीडिया से भी अपनी शिकायत या सूचनाएं पहुंचा सकें।

 

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