आईआईटी की परिभाषा बदली, अब ये इंडियाज इंस्ट्रूमेंट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन बन गए- मोदी

आईआईटी की परिभाषा बदली, अब ये इंडियाज इंस्ट्रूमेंट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन बन गए- मोदी
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प्रधानमंत्री ने कहा- दुनिया का विकास टेक्नोलॉजी तय करेगी, ऐसे में आईआईटी छात्रों की भूमिका बेहद अहम

11 अगस्त खुदीराम बोस की पुण्यतिथि, मोदी ने उन्हें याद किया

मोदी ने कहा- आजादी के लिए जान नहीं दे सके, देश के लिए जी तो सकते हैं

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मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बॉम्बे आईआईटी के 56वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। यहां तीन छात्रों को गोल्ड मेडल और 43 छात्रों को सिल्वर मेडल प्रदान किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा- आज आईआईटी की परिभाषा बदल गई है। ये इंडियाज इंस्ट्रूमेंट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन बन गए हैं।

मोदी ने कहा, "आज 11 अगस्त है। आज के ही दिन 110 साल पहले देश की आजादी के लिए खुदीराम बोस ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। आजादी के लिए जिन्होंने प्राण दिए, अपना सबकुछ समर्पित किया वे अमर हो गए। लेकिन हम लोगों को आजादी के लिए मरने का सौभाग्य नहीं मिला। लेकिन हम आजाद भारत के लिए जी तो सकते हैं।''

आज एनर्जी और एन्वायरमेंट बड़ी चुनौती: मोदी ने कहा, "आईआईटी बॉम्बे उन संस्थानों में है जो न्यू इंडिया की न्यू टेक्नोलॉजी के लिए काम कर रहा है। आने वाले वक्त में दुनिया का विकास कैसा होगा, यह नई टेक्नोलॉजी तय करेगी। ऐेसे में आपका रोल बहुत अहम हो जाता है। आज एनर्जी और एन्वायरमेंट सबसे बड़ी चुनौती है। मुझे भरोसा है कि इन दोनों क्षेत्रों में रिसर्च के लिए यहां बेहतर माहौल स्थापित होगा।''

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पुराने तौर-तरीकों को छोड़ना होगा : मोदी ने कहा, "यहां जितने लोग बैठे हैं वे या तो शिक्षक हैं या भविष्य के लीडर हैं। आप आने वाले भविष्य में पॉलिसी मेकिंग के काम में जुटने वाले हैं। क्या करना है, कैसे करना है, इसमें आपका विजन भी होगा। पुराने तौर-तरीकों को छोड़ना आसान नहीं होता। सरकारी व्यवस्था के साथ भी ऐसा होता है। आप सभी से आग्रह है कि अपनी असफलता की उलझन को मन से निकालें। आकांक्षाओं पर फोकस करें। ऊंचे लक्ष्य, ऊंची सोच आपको अधिक प्रेरित करेगी, उलझन आपके टैलेंट को सीमाओं में बांध देगी। आपके हर विचार के साथ यह सरकार खड़ी है। आपके साथ चलने के लिए तैयार है। यह एक पड़ाव है। असली चुनौती आपका बाहर इंतजार कर रही है। उससे आपके परिवार और सवा सौ करोड़ देशवासियों की उम्मीद जुड़ी हुई हैं।''

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