आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार पुराने नोट 99.30 फीसदी RBI में जमा

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार पुराने नोट 99.30 फीसदी RBI में जमा
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कहाँ गया काला धन, 99.30 फीसदी RBI में जमा

 

नई दिल्ली: 8 नवंबर 2016 को लागू की गई नोटबंदी के 21 महीने बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने वापस आए पुराने 1000 और 500 रुपए के नोटों का आंकड़ा जारी कर दिया है। नोटबंदी के समय चल रहे कुल 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपये के पुराने नोट वापस आ गए हैं। 

 

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इधर, नोटबंदी के बाद जमा हुए नोटों का आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि ‘तुगलकी फरमान' के लिए मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। बताया जाता है कि 8 नवंबर 2016 को कुल 15 लाख 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मुद्रा प्रचलन में थी। आरबीआई की बुधवार को जारी 2017-18 की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के वक्त 500 और 1000 रुपए के जितने पुराने नोट चलन में थे, उनमें से 99.30फीसदी जमा हो गए। 

 

8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान हुआ था। उस दिन 500 और 1000 रुपए के 15.41 लाख करोड़ रुपए मूल्य के नोट सर्कुलेशन में थे। इनमें से 15.31 लाख करोड़ बैंकों के पास लौट आए। रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के दौरान जितनी करंसी सिस्टम से बाहर हुई, उससे ज्यादा अभी चलन में है। 15.41 लाख करोड़ के मुकाबले मार्च 2018 तक 18.03 लाख करोड़ रुपए के नोट सर्कुलेशन में आ गए। पिछले एक साल में इसमें 37.7फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 

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आरबीआई के मुताबिक, मार्च 2017 तक जितनी करंसी सिस्टम में थी, उसमें 72.7फीसदी नोट 500 और 2000 रुपए के थे। मार्च 2018 तक सर्कुलेशन में मौजूद कुल नोटों में 500 और 2000 रुपए के नोटों की संख्या 80.2फीसदी हो गई। नोटबंदी के बाद सरकार ने 500 का पुराना नोट तो बदल दिया लेकिन 1000 का नोट पूरी तरह बाहर कर दिया। इसकी जगह 2000 का नोट लाया गया। 

 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करके नया 500 और 2000 रुपए का नोट जारी किया था। रिजर्व बैंक ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में वापस आए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की गिनती और असली की पहचान करने के बाद उन्हें नष्ट कर इस रद्दी से ईंटें बनाई जाएंगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया के द्वारा उनका निपटान किया जाएगा। 

 

8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 30 जून, 2017 तक 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट आरबीआई के पास पहुंच चुके थे। कांग्रेस का सवाल, तुगलकी फरमान का क्या नतीजा कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री ने तीन मकसद बताए थे। पहला यह कि आतंकवाद पर चोट लगेगी, दूसरा यह कि जाली मुद्रा पर अंकुश लगेगा और तीसरा यह कि कालाधन वापस आएगा। सवाल यह है कि इस तुगलकी फरमान का क्या नतीजा निकला? उन्होंने दावा किया, नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था को जीडीपी के 1.5 फीसदी का नुकसान हुआ। इस हिसाब से एक साल में 2.25 लाख करोड़ रुपए की चपत लगी। 

 

इसके अलावा कतारों में खड़े होने की वजह से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। लाखों लोग बेरोजगार हो गए। बैंकों में सारा पैसा वापस आरबीआई ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के बाद 1000 रुपए के 8.9 करोड़ नोट वापस नहीं आए। इस दौरान कुल 99 फीसदी नोट वापस आ गए थे। इसका मतलब साफ है कि नोटबंदी के बाद सिस्टम का लगभग सारा पैसा बैंकों में वापस आ गया।

 

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