ओडिशा में किसानों ने फसलें सुरक्षित की

ओडिशा में किसानों ने फसलें सुरक्षित की
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भुवनेश्वर, 27 नवंबर | ओडिशा में तूफान लहर के कारण भारी वर्षा की आशंका के चलते किसानों ने बुधवार को धान की कटी फसलें खेतों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम शुरू किया। कृषि विभाग के निदेशक आर. सांतागोपालन ने आईएएनएएस को बताया कि इस खरीफ सत्र में 36 लाख हेक्टेयर धान की फसल है और इलाके में 15 फीसदी फसल अभी भी खुले खेतों में पड़ी है।

उन्होंने बताया, "हमने किसानों से कहा है कि वे अपनी फसल खुले स्थानों पर न छोड़ें। उन्होंने खेतों से अपनी फसल उठानी शुरू कर दी है। संभावना है कि बुधवार की शाम तक सभी अपनी फसलें उठा लेंगे।"

गौरतलब है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कहर मचा रहा चक्रवाती तूफान लहर की गति रविवार को 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी जो कि ओडिशा तट के गोपालपुर से 725 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व पर केंद्रित था। मौसम विभाग का अनुमान है कि लहर चक्रवात पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ता हुआ 28 नवंबर को लगभग दोपहर तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम तटों के बीच पहुंच जाएगा।

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हालांकि इस बिंदु से ओडिशा को कोई नुकसान नहीं है, लेकिन भारी बारिश के अनुमान के चलते भुवनेश्वर मौसम विभाग ने अधिकारियों को राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में खड़ी फसलों के लिए पर्याप्त उपाय करने को कहा है। एक अधिकारी ने बताया कि त्वरित आपदा कार्रवाई बल (डीआएएफ) को भारी बारिश की आशंका वाले दस दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भेजा गया है।

गौरतलब है कि चक्रवाती तूफान फेलिन ने ओडिशा में 17 जिलों में तबाही मचाई थी। संतागोपालन ने बताया कि इस साल ओडिशा में खरीफ की फसल की 100 लाख टन पैदावार की उम्मीद थी। फेलिन और उसके बाद आई बाढ़ से 20 फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है इसलिए अब 63 लाख टन फसल का लक्ष्य है।

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