सड़कों पर गड्ढों के कारण मौत के मामले में टॉप-3 में मध्य प्रदेश

सड़कों पर गड्ढों के कारण मौत के मामले में टॉप-3 में मध्य प्रदेश
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खराब सड़कों के कारण मौत के मामले में टॉप-3 में मध्य प्रदेश

सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने 3 विभागों के पीएस को किया तलब

 

भोपाल. सड़कों पर गड्ढों के कारण होने वाली मौत के मामले में मध्यप्रदेश देश के टॉप-3 राज्यों में है। यहां वर्ष 2013 से 2017 के दौरान 1385 लोगों की जान सिर्फ सड़क के गड्ढों के कारण गई। देशभर में गड्ढों के कारण हुई कुल मौत का यह 9.3 फीसदी है। सबसे ज्यादा 4415 मौतें उत्तरप्रदेश में हुई हैं।

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2136 मौतों के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने सड़क के गड्ढों से हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में 4 सितंबर को पीडब्ल्यूडी, परिवहन और नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिवों को तलब किया है। कमेटी ने मामले में आंध्रप्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश के अफसरों को भी तलब  किया है। 

 

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बैठक में गड्ढों से होने वाली मौतों को कम करने के अलावा इस बात पर भी विमर्श किया जाएगा कि पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की क्या प्रक्रिया हो। मुआवजे के लिए हर राज्य में एक कमेटी के गठन पर भी विमर्श किया जाएगा। कमेटी की ओर से 29 अगस्त को भेजे गए पत्र में 20 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अलावा 12 अप्रैल 2018 को दिए गए मुंबई हाईकोर्ट के फैसले का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि बेहतर सड़कें संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार के दायरे में आती हैं।

 

खराब सड़क के कारण मृत्यु या घायल होने पर सड़क निर्माण एजेंसी से मुआवजा लेने का नागरिकों को अधिकार है। सड़क निर्माण एजेंसी को सड़क से संबंधित शिकायतों के लिए एक वेबसाइट बनानी चाहिए, जिससे वे शिकायतों को ट्रैक कर सकें और उनका निराकरण किया जा सके।

 

मप्र : 2017 में खराब सड़कों से मौत

 

सड़क  एक्सीडेंट  मौत
नेशनल हाईवे 2063  2564
स्टेट हाईवे 2666  3040
खराब सड़क  443   420
समतल सड़क  3602 3622

 

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road accident in mp due to bad roads
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