हरियाणा में अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल 2 नवंबर तक बढ़ी

हरियाणा में अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल 2 नवंबर तक बढ़ी
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आज से हरियाणा में 2 लाख से ज्यादा अन्य कर्मचारी भी 2 दिन की हड़ताल पर

16 अक्टूबर से चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल, 30 और 31 अक्टूबर के लिए दूसरे विभाग के कर्मचारियों ने भी दिया हड़ताल को समर्थन

पानीपत/चंडीगढ़। रोडवेज कर्मचारी यूनियनों की 16 अक्टूबर से चल रही अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल 2 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इनके साथ प्रदेश के दूसरे विभागों में कार्यरत 2 लाख कर्मचारी भी 30 और 31 अक्टूबर तक हड़ताल पर चले गए हैं। इससे पूरे प्रदेश में परिवहन व अन्य सरकारी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही है, जिसका खामियाजा त्योहारी सीजन में आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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29 अक्टूबर को भी सामूहिक अवकाश पर गए थे प्रदेश के 2 लाख कर्मचारी

बता दें कि प्रदेश के रोडवेज कर्मचारी सरकार द्वारा 720 प्राइवेट बसों को परमिट दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों पर सरकार की ओर से की गई कार्यवाही के विरोध में दूसरे विभागों/बोर्डों के कर्मचारी भी रोडवेज यूनियनों के समर्थन में आ गए हैं।

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26 अक्टूबर के सामूहिक अवकाश के बाद भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगे न माने जाने पर 2 लाख से ज्यादा कर्मचारी 30 व 31 अक्टूबर को हड़ताल पर रहेंगे। उधर, सोमवार को रविवार की अपेक्षा सड़कों पर ज्यादा बसें उतरी। सोमवार को रोडवेज की 2490, सहकारी समितियों की 1059 और 57 आरटीए की ओर से भेजी गई बसें दौड़ीं।

 

मुख्य सचिव डीएस ढेसी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि हड़ताल के दौरान सुबह 10 बजे और शाम 4 बजे दोनों वक्त कर्मचारियों की हाजिरी लगेगी। कोई अनुपस्थित मिला तो माना जाएगा कि वह भी हड़ताल में शामिल है। सभी कर्मचारियों का अवकाश रद्द कर दिया गया है। हड़ताल पर जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

 

बिजली-पानी, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य समेत ज्यादातर महकमों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। लेकिन आपातकालीन सेवाएं बाधित नहीं होंगी। बिजली की छोटी-मोटी खराबी ठीक नहीं होगी, लेकिन कोई बड़ा ब्रेक डाउन या कोई अन्य घटना होती है तो कर्मचारी उसे ठीक करेंगे। पानी की सप्लाई भी होगी। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि हड़ताल में जनता को परेशान नहीं किया जाएगा। उनके सहयोग से ही यह लड़ाई जीती जाएगी।

 

 

बिजली-पानी, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य समेत ज्यादातर महकमों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। लेकिन आपातकालीन सेवाएं बाधित नहीं होंगी। बिजली की छोटी-मोटी खराबी ठीक नहीं होगी, लेकिन कोई बड़ा ब्रेक डाउन या कोई अन्य घटना होती है तो कर्मचारी उसे ठीक करेंगे। पानी की सप्लाई भी होगी। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि हड़ताल में जनता को परेशान नहीं किया जाएगा। उनके सहयोग से ही यह लड़ाई जीती जाएगी।

 

 

सरकार की सख्ती के बाद यूनियन नेता भूमिगत हो गए हैं। वे लगातार ठिकाना बदल रहे हैं। मोबाइल नंबर बंद कर लिए हैं, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो पाए। ये सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर हड़ताल को बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। साथ उनमें जोश भरने का भी काम कर रहे हैं।

 

 

हड़ताल को लेकर परिवहन विभाग के एसीएस धनपत सिंह दिनभर अफसरों के साथ बैठक करते रहे। शाम को मुख्य सचिव डीएस ढेसी के साथ विभाग के सभी अफसरों की सचिवालय में मीटिंग हुई। सूत्रों का कहना है कि बैठक में हड़ताल को खत्म करने की संभावना तलाशी गई। जल्द ही रोडवेज यूनियनों के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया जा सकता है।

 

रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में दूसरे महकमों की हड़ताल के लिए संबंधित विभागों की यूनियनों के साथ सर्व कर्मचारी संघ और सर्व कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कर्मचारियों से संपर्क किया। 100 से ज्यादा टीमें पूरे प्रदेश में उतरी और विभागों में जाकर कर्मचारियों से बातचीत की। उन्हें हड़ताल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। 

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Haryana Roadways strike 2 lakh other employee also gone on strike
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