#हैपनिंग हरियाणा: मार्च 2017 तक हर गांव तक होगी बिजली : पीयूष गोयल

#हैपनिंग हरियाणा: मार्च 2017 तक हर गांव तक होगी बिजली : पीयूष गोयल
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मकान उपलब्ध करवाने का वर्ष 2022 तक का लक्ष्य तय

गुडगाँव: केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 तक देश के प्रत्येक घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और 31 मार्च 2017 तक देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को भी पूरा किया जाएगा। 

यह जानकारी मंगलवार को यहां केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने हैपनिंग हरियाणा-ग्लोबल इनवैस्टर्स समिट-2016 के दूसरे दिन इमरजिंग मॉडल ऑफ पीपीपी पावरिंग दी ग्रोथ ऑफ हरियाणा विषय पर आयोजित सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पीपीपी सत्र में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल व सत्र के तमाम विशेषज्ञों से मुलाकात की और सत्र के सफल होने की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह तथा शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन भी उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां शत-प्रतिशत गांवों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। बिजली उत्पादन की ऐसी दीर्घकालीन परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा, जो आबादी बढऩे के साथ-साथ उत्पादकता में बढ़ोतरी करके लोगों की बढ़ती मांग को पूरा कर सकें। 

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गोयल ने कहा कि विकास के संसाधनों को बिजली की भरपूर आवश्यकता रहेगी तथा बिजली के क्षेत्र में संप्रेषण में होने वाले नुकसान को कम करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली के क्षेत्र में इस राज्य में वर्ष 2008 से 2013 तक 55 हजार करोड़ रूपए का घाटा है। इस घाटे की व्यवस्था को अब अधिक देर तक सहन नहीं किया जा सकता और इसके उपाय के लिए  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में मन की बात कार्यक्रम में कहा है कि बिजली के क्षेत्र में निजी-सार्वजनिक भागीदारिता के तहत सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए इस घाटे से उभारने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली संयंत्र, सडक़ यातायात, शहरी विकास, रियल एस्टेट, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों पर विशेष जोर देते हुए समयबद्ध परियोजनाओं को पूरा करना होगा। 

केन्द्रीय मंत्री ने हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही न्यू इंटीग्रेटिड लाईसैंसिंग पॉलिसी-2016, दीनदयाल जनआवास योजना, ट्रांजिट ओरियंटिड डवलपमैंट योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में इन योजनाओं के सार्थक परिणाम सामने आएंगे और इन योजनाओं से पब्लिक-प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) को बल मिलेगा। निजी-सार्वजनिक भागीदारिता के माध्यम से निजी और सार्वजनिक संस्थाओं को नए अवसर प्रदान करते हुए ऐसी परियोजनाओं पर बल दिया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेवाएं प्रदान की जा सकें। निजी-सार्वजनिक भागीदारिता पर आधारित परियोजनाएं ऐसी दीर्घकालीन परियोजनाएं होंगी, जो लम्बे समय तक आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरकर उनका विश्वास कायम रखेंगी। 

उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में किसी भी योजना को अमलीजामा पहनाने से पहले इस बात का आंकलन जरूर करेगी कि ये योजनाएं समय पर पूरी हों और किसी प्रकार की कोई खामी ना रहे। इससे ना केवल लोगों को समय पर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि निर्धारित बजट का प्रावधान भी होगा। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि किसी भी परियोजना की देरी के लिए निजी संस्थाओं के साथ-साथ सरकारी संस्थाओं पर भी जुर्माना या नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान की कार्यप्रणाली से बेहद खुश हैं क्योंकि जापान में किसी भी योजना को तैयार करने से पहले पूरा मंथन किया जाता है और जब योजना का पूरा प्रारूप तैयार हो जाता है, तभी योजना को शुरू किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में भी इस प्रकार की सोच से काम करना चाहते हैं। उन्होंने उदय कार्यक्रम पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी को उदय कार्यक्रम को लेकर कानूनी रूप से बाध्य होना होगा। हरियाणा में उदय कार्यक्रम को लागू करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। 

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कविता जैन ने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्र को विकसित करने के लिए अपार संभावनाओं पर पूरा ध्यान दे रही है। सरकार का फोकस है कि शहरी क्षेत्र में लोगों को उच्च स्तरीय सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। शहरों में हुडा सबसे महत्वपूर्ण एजेंसी है, जो लोगों को पानी, सीवरेज, सडक़ें, पार्क आदि की जनसुविधाएं मुहैया करवाने के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, फायर स्टेशन, पुलिस स्टेशन, श्मशान घाट, ओल्ड एज होम आदि को विकसित करके लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं, हुडा कॉमर्शियल क्षेत्र को निजी संस्थानों के सहयोग से विकसित कर रही है। हुडा का लक्ष्य है कि लोगों को रहने की उच्च स्तरीय सुविधाएं और वातावरण उपलब्ध करवाए। मंत्री ने कहा कि एचएसआईआईडीसी ने इंडस्ट्रियल एस्टेट को स्थापित करने के लिए विश्व स्तरीय इनफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया है। हरियाणा हाऊसिंग बोर्ड ने किफायती आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध करवाने का वर्ष 2022 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार ने हिसार, करनाल, कुरूक्षेत्र, अंबाला आदि शहरों को टाऊन प्लानिंग स्कीम के तहत विकसित करने का कार्य शुरू किया है। इतना ही नहीं, निजी संस्थाओं के सहयोग से राज्य के गुडग़ांव, फरीदाबाद, सोनीपत, बल्लभगढ़ आदि शहरों में रिहायशी प्लॉट ग्रुप हाऊसिंग, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल और आईटी टाऊनशिप विकसित करने का कार्य भी शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि हैपनिंग हरियाणा-ग्लोबल इनवैस्टर्स समिट-2016 के प्रति देश-विदेश की कंपनियों ने भारी उत्साह दिखाया है और रियल एस्टेट सैक्टर में इस समिट के तहत लगभग 1.35 लाख करोड़ रूपए के समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। 

हरियाणा के शहरी एवं आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी. राघवेन्द्र राव ने सत्र पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में सीआईआई नॉर्दन रीजन के पूर्व चेयरमैन विनायक चटर्जी, केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार डा. के वी प्रताप, इंडिया इनफ्रास्ट्रक्चर फाईनैंस कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन एसबी नय्यर, डीएलएफ के कार्यकारी वाईस चेयरमैन राजीव सिंह, रिन्यू पावर वैंचर प्राईवेट लिमिटेड के चीफ ऑपरेङ्क्षटग ऑफिसर पराग शर्मा, इंडिया बुल्स ग्रुप ऑफ कंपनीज के कार्यकारी निदेशक अजित मित्तल, पीपीपी के प्रधान व एडीबी के विशेषज्ञ श्रीनिवास संपथ, केपीएमजी के एनर्जी सैक्टर के प्रमुख अनिश देह, एटरनल विजन कंपनी लिमिटेड के एमडी हीरोशी फ्रूता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 

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