फोर्टिस हॉस्पिटल की लापरवाही ने ली एक और बच्चे की जान

फोर्टिस हॉस्पिटल की लापरवाही ने ली एक और बच्चे की जान
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प्रवीण शर्मा, | साइबर सिटी गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल की एक औऱ करतूत का खुलासा हुआ है । करतूत एेसी की लाखों रुपए का भारी भरकम बिल तो बनाया ही लापरवाही के चलते डेढ साल के एक मासूम को अपनी जान से भी हाथ धोना पडा । दरअसल मामला 24 अप्रैल 2017 का है जब एंजाइम डेफिशियेंसी की बिमारी के चलते डेढ साल के वंश को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती किया गया था जिसमें बोर्नमैरो ट्रांसप्लांट किया जाना था । वंश के परिवार के मुताबिक बोनमेरो ट्रांसप्लांट के लिए वंश को जिस रुम में भर्ती किया गया वो इंफेक्शन फ्री नही था । 
 

वंश को जिस बोर्नमेरो ट्रांसप्लांट रुम में भर्ती किया गया वही से उसे इंफेक्शन हो गया जिसकी वजह से वंश की 15 मई को मौत हो गई । परिवार ने वंश की मौत के लिए अस्पलात औऱ डॉक्टरों की लापवाही को जिम्मेदार माना जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग को इसकी शिकायत की गई । स्वास्थ्य विभाग ने एक कमेटी का गठन कर जब मामले की जांच कि तो पाया की वंश की मौत फोर्टिस अस्पताल की लापरवाही की वजह से ही हुई है । कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का कहा है की अस्पताल को बोर्नमेरो के लिए इंफेक्शन फ्री रुम देना चाहिए तो जोकि नही था जिसके चलते वंश को इंफेक्शन हो गया ।

फोर्टिस अस्पताल में लापरवाही का ये पहला मामला नही है इससे पहले डेगू के इलाज के लिए आई आद्दा की मौत के मामले में भी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे थे । वंश का परिवार अब इस मामले में फोर्टिस अस्पताल पर कार्यवाही की मांग कर रहा है । स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने तो साबित कर दिया है कि वंश फोर्टिस की लापरवाही की भेंट चढा है लेकिन अब देखना ये होगा की स्वास्थ्य़ विभाग से लेकर पुलिस तक का कानूनी शिकंजा कब और कितना अस्पताल औऱ डॉक्टरों पर कसता है ।

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