भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हरियाणा के किसानों को मिलेगी नौकरी

भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हरियाणा के किसानों को मिलेगी नौकरी
Advertisement

चंडीगढ़। हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने चुनावों के मद्देनजर किसानों को साधने के लिए बड़ा फैसला किया है। सरकार अब जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के परिजनों को सरकार पुनर्वास तथा पुनस्र्थापन पॉलिसी के तहत सरकारी नौकरी देगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को लुभाने की कोश्‍ािश की गई है। सरकार ने कनिष्ठ अभियंता, छह लिपिक और एक सेवादार के पद को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के कार्यक्षेत्र से बाहर करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा पुलिस सेवा नियमों में बदलाव कर 19 उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) को अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) बनाया जाएगा। विभाग में दस साल की नियमित सेवा करने वाले डीएसपी को इन पदों पर लगाया जाएगा।

बैठक में सेना के शहीद हवलदार रमेश सिंह और शहीद सिपाही समेर सिंह के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मंजूरी दी गई। भिवानी के हालुवास निवासी हवलदार रमेश सिंह ऑपरेशन रक्षक के दौरान जम्मू-कश्मीर में 7 दिसंबर 2003 को शहीद हुए थे। अब उनके पुत्र कंवर सिंह को अनुकंपा आधार पर गु्रप-डी की नौकरी दी जाएगी।

Advertisement

परिवहन विभाग में    सेवादार, चौकीदार, स्वीपर और माली की सीधी भर्ती होगी। हरियाणा सरकार या केंद्र सरकार की नौकरियों में लगे कर्मचारियों के स्थानांतरण अथवा प्रतिनियुक्ति से भी इन पदों को भरा जा सकेगा। यदि परिवीक्षा अवधि के दौरान इन कर्मचारियों का कार्य या आचरण संतोषजनक नहीं मिला तो उसकी सेवाएं खत्म की जा सकती हैं।

झज्जर का गांव उखलचना (कोट) को तहसील बादली से निकालकर तहसील झज्जर में शामिल किया गया है। अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल में मेडिकल एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए रिहायशी मकान बनाए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम स्वास्थ्य विभाग को कलेक्टर रेट पर जमा विकास शुल्क के आधार पर जमीन स्थानांतरित करेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए जाने वाले कुल फ्लैटों में से (चूंकि कथित 2.85 एकड़ भूमि पर नगर निगम अंबाला के मकान बने हुए हैं) नगर निगम अंबाला को उतनी संख्या में उसी श्रेणी के फ्लैट निशुल्क दिए जाएंगे। फ्लैटों का मालिकाना हक तथा कब्जा नगर निगम अंबाला के अधीन होगा ताकि इन्हें निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवंटित किया जा सके।

प्रदेश सरकार ने वैट (मूल्य संवंर्धित कर) नियमों में संशोधन किया है। अपीलीय प्राधिकारी अदालतों में चल रहे मामले को अपने हाथ में नहीं लेंगे। वैट के तहत मूल्यांकन प्राधिकारियों के आदेशों के खिलाफ की गई अपीलों के निपटान में तेजी लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

Advertisement

Tags:

State news Haryana News Haryana Government BJP Haryana bjp Haryana farmers cm khattar cm manohar la
Advertisement