अगर आपका वोटर कार्ड नहीं बना हैं तो हाथों-हाथ वोटर कार्ड बनवाने का ये हैं सुनहरा मौका

अगर आपका वोटर कार्ड नहीं बना हैं तो हाथों-हाथ वोटर कार्ड बनवाने का ये हैं सुनहरा मौका
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अगर आप 18 साल की आयु पूरी कर चुके हैं तो 31 अक्तूबर तक वोटर कार्ड बनवा सकते हैं। युवाओं को वोटर आई कार्ड बनवाना झंझट भरा लगता है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। आप बिना किसी परेशानी से अपना वोटर कार्ड बनवा सकते हैं।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पीएस रावत के अनुसार एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और आई कार्ड बनवाने का अभियान चल रहा है। वोटर कार्ड बनवाने के लिए जिले के सभी 1794 बूथों पर बीएलओ (बूथ लेवल अफसर) तैनात हैं।

 

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दिव्यांग फोन से अपने क्षेत्र के बीएलओ को घर बुलाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं अगर कोई व्यक्ति दो जनवरी 2019 को 18 साल या इससे ज्यादा उम्र का होता है तो उसका वोटर आई कार्ड नहीं बनाया जाएगा। वोटर आई-कार्ड बनाने के लिए कोई फीस भी नहीं ली जाती है।

 

वोटर आई-कार्ड क्यों जरूरी

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वोटर आई-कार्ड का इस्तेमाल केवल वोट डालने के लिए ही नहीं बल्कि अन्य कार्यों में अपनी पहचान बताने में इस्तेमाल होता है। उदाहरण के तौर पर बैंक में खाता खोलने, मोबाइल का प्रीपेड या पोस्टपेड कनेक्शन लेने, कार फाइनेंस आदि।

 

कौन बनवा सकता है वोटर आई कार्ड

- जो भारत का नागरिक हो।

- जिसकी उम्र एक जनवरी 2019 को 18 साल या ज्यादा हो जाए।

- जो दिवालिया या पागल घोषित न हो।

किस काम के लिए कौन-सा फॉर्म

फॉर्म-6 - वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने और वोटर कार्ड बनवाने के लिए।

फॉर्म-7 - वोटर लिस्ट से नाम कटवाने या किसी शिकायत के लिए।

फॉर्म-8 - बने हुए वोटर कार्ड में संशोधन के लिए।

फॉर्म-8ए - एक विधानसभा क्षेत्र के अंदर मकान बदलने पर नए पते पर वोटर कार्ड बनवाने के लिए।

फॉर्म-6ए - एनआरआई के लिए।

(नोट- अगर आप एक से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में मकान बदलते हैं तो आपको पता बदलवाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा।)

 

ये भी जानें

- फॉर्म-6 का कॉलम नंबर-4 भरना जरूरी है। इसमें आवेदन करने वाले को अपना पुराना पता बताना होगा।

- आवेदन करने वाले को यह भी बताना होगा कि पहले से उसका कोई वोटर कार्ड बना है या नहीं।

- 18 से 21 साल तक के वोटर को फॉर्म भरते वक्त अपनी उम्र का भी साक्ष्य देना होगा।

- 21 साल से ज्यादा उम्र वालों को आयु प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं है।

वोटर आई कार्ड के लिए चाहिए ये कागजात

- हाल में खींची गईं दो कलर फोटो

- आयु प्रमाणपत्र : नगर निगम कार्यालय से जारी जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं का सर्टिफिकेट, जिस पर उम्र दर्ज हो।

- पता : बैंक या पोस्ट ऑफिस की पासबुक व आधार, राशन कार्ड/पासपोर्ट/ड्राइविंग लाइसेंस/इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर/पानी/बिजली/गैस कनेक्शन का बिल।

(नोट- अगर पता के तौर पर राशन कार्ड दे रहे हैं तो इसके अलावा ऊपर दिए गए दूसरे दस्तावेजों में से कोई एक प्रूफ भी जमा करना होगा।)

 

उम्र 25 साल से ज्यादा होने पर

निर्वाचन आयोग का मानना है कि 25 साल से ज्यादा उम्र के लोग आमतौर पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा लेते हैं, लेकिन आपका वोटर आईडी नहीं बना है तो आपको अलग-से एक एफिडेविट जमा करना होगा, जिसमें लिखा होगा कि पूरे देश में आपका नाम कहीं भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं।

ये जानना भी जरूरी

- किसी भी प्रपत्र को अटेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद फॉर्म जमा करते समय उनकी ओरिजनल कॉपी अपने साथ रखें।

- फॉर्म में दिए गए पते पर अगर आप नहीं मिलते हैं तो बीएलओ तीन बार तक आते हैं। इसके बाद ही वह अपनी रिपोर्ट देते हैं।

- दिए गए फार्म में अपने साइन के नीचे मोबाइल नंबर भी लिखना सहूलियत वाला रहता है।

 

गलती सुधारने के लिए

- कई बार वोटर लिस्ट या वोटर आई-कार्ड में नाम, पिता का नाम, उम्र या पता गलत छप जाता है।

- ज्यादातर मामलों में अगर वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी है तो स्वभाविक रूप से वोटर आई कार्ड में भी गड़बड़ी हो जाती है। इसे चेंज कराने के लिए फॉर्म-8 भरना होता है।

- इसमें फोटो लगाने की जरूरत नहीं होती।

- फॉर्म-8ए भरते समय पता के तौर पर किराये का मकान हो तो रेंट एग्रीमेंट जमा करना होगा और अगर आपने मकान खरीदा है तो सेल डीड की कॉपी लगानी होगी।

(नोट- फार्म 8 और 8ए के लिए बीएलओ को 25 रुपये का भुगतान करना होगा।)

 

 

कब भरा जाएगा फॉर्म-6

- निर्वाचन कार्यालय की ओर से समय-समय पर मतदाता सूची में नाम डलवाने के लिए रिवीजन प्रोग्राम का एलान होता रहता है।

- इस दौरान मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्किेशन के बाद ही ऐप्लिकेशन फॉर्म भरा जाएगा।

- वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 साल में किसी भी वक्त भरा जा सकता है, लेकिन रिवीजन प्रोग्राम के अलावा नाम शामिल करने के लिए डुप्लीकेट फॉर्म ही भरा जाएगा।

- रिवीजन प्रोग्राम के दौरान फॉर्म भरने के लिए अस्थाई तौर पर कई सेंटर बनाए जाते हैं, जो आम तौर पर पोलिंग स्टेशनों पर होते हैं।

- रिवीजन प्रोग्राम के अलावा फॉर्म केवल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में ही भरे जाएंगे।

फॉर्म-6 भरने में होने वाली गलतियां

- लोग अक्सर डिक्लेरेशन वाला कॉलम भरना छोड़ देते हैं। इसके चलते उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है।

- फॉर्म भरने वाले के लिए अपने हस्ताक्षर करना जरूरी है, नहीं तो फॉर्म नामंजूर कर दिया जाता है।

 

कैसे करें ऑनलाइन अप्लाई

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आपको फॉर्म-6 भरना होता है। अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं। तो भारत सरकार की वेबसाइट 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एनवीएसपी.इन' पर जाकर न्यू वोटर अप्लाई पर क्लिक कर सकते हैं। यहां पर फॉर्म-6 खुलकर आएगा। इसमें आपको सभी जानकारी पूरे विस्तार के साथ सही भरनी होती है। फॉर्म के साथ आपको अपनी लेटेस्ट फोटो स्कैन करके अटैच करनी होगी। इसके बाद पता और आयु प्रमाणपत्र स्कैन कर लगाएं। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते तो ये दोनों दस्तावेज लेने बीएलओ आपके घर आ जाएंगे। यहीं वह आपसे फॉर्म पर साइन पर कराकर ले जाएंगे।

- 31 अक्तूबर तक फॉर्म बांटे जाएंगे। फॉर्म पर अपनी हाल में खींची गई एक कलर फोटो लगानी होगी। साथ ही ऊपर बताए बाकी जरूरी दस्तावेज भी जमा कराने होंगे।

हेल्पलाइन

वोटर कार्ड से जुड़ी किसी भी जानकारी या शिकायत दर्ज कराने के लिए 0135-2624216 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यहां सुबह 10 से शाम 5 बजे तक जानकारी व शिकायत की जा सकती है।

- अगर आपका वोटर आई-कार्ड नहीं बनता है तो फॉर्म जमा करने के वक्त जो रसीद दी गई है, उसे लेकर अपने तहसील के एसडीएम से शिकायत कर सकते हैं।

- आयु प्रमाणपत्र के तौर पर दूसरे दस्तावेजों के अलावा किराए के मकान में रहने वाले लोग रेंट एग्रीमेंट की कॉपी भी लगा सकते हैं। बीएलओ उस अड्रेस पर जाकर आपके मिलने पर उस पता को सत्यापित कर देगा।

कहां से मिलेगा

31 अक्तूबर तक फॉर्म भरने के बाद दिसंबर अंत तक वोटर कार्ड बनकर तैयार हो जाएंगे। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर उनका वितरण करेंगे।

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Dehradun Voter Card Making Process Will Held Till 31 October In Uttarakhand
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