बिलासपुर यूनिवर्सिटी सायबर सिक्योरिटी पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू

बिलासपुर यूनिवर्सिटी सायबर सिक्योरिटी पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू
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बिलासपुर यूनिवर्सिटी सायबर सिक्योरिटी पर शुरू कर रही सर्टिफिकेट कोर्स, ई-रक्षा रिसर्च सेंटर के साथ होगा एमओयू

छात्रों के अलावा सायबर सिक्योरिटी में रुचि रखने वालों को भी दी जाएगी ट्रेनिंग

बिलासपुर। बिलासपुर यूनिवर्सिटी अब सायबर सिक्योरिटी पर डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी एक एजेंसी से एमओयू करने जा रही है। इसके लिए एजेंसी द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया है। एमआेयू होने के बाद बीयू के कंप्यूटर साइंस विभाग को नोडल सेंटर बनाया जाएगा। यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों के साथ-साथ बैंक, एनटीपीसी, एसईसीएल सहित अन्य संस्थानों के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देगी।

ई-रक्षा रिसर्च सेंटर द्वारा सायबर सिक्योरिटी पर अवेयरनेस, ट्रेनिंग और रिसर्च किया जा रहा है। इसके लिए सेंटर को भारत सरकार से अनुदान मिलेगा। बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस होता ने बताया कि कंप्यूटर आज हमारी जरूरत बन चुका है और हम इस पर पूरी तरह से निर्भर हो चुके हैं। जैसे-जैसे हम टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो रहे हैं, हमारी प्राइवेसी और हमारे सीक्रेट डेटा पर टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट सेंध भी लगा रहे हैं। ये हैकर्स न सिर्फ हमारी प्राइवेसी को जानने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से हमें नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। हम सभी टेक्नोलॉजी के बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी तो रखते हैं, लेकिन हमारी प्राइवेसी और आर्थिक रूप से हमें कोई नुकसान न पहुंचाए, इसका कोई उपाय हमारे पास नहीं है। ऐसे में हैकर्स से बचने के लिए हमें सिक्योरिटी को जानना जरूरी हो गया है। एथिकल हैकिंग या व्हाइट हैट हैकिंग आज उभरता हुआ करियर बन गया है, जिसकी मदद मल्टीनेशनल कंपनीज के अलावा देश की सिक्योरिटी एजेंसीज भी ले रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए बिलासपुर यूनिवर्सिटी सायबर सिक्योरिटी पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर रही है।

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एक सप्ताह का प्रशिक्षण
डॉ. होता ने बताया कि कई बार लोगों के पास फर्जी ई-मेल आते हैं। उनका ईमेल अकाउंट भी कभी हैक हो जाता है। दरअसल, हैकर आपके कंप्यूटर या आपके संबंधित अकाउंट पर पूरी तरह से हावी हो जाता है। जिसके बाद उसे आपके डेटा को चुराने या खत्म करने की आजादी मिल जाती है। वाई-फाई इंटरनेट कनेक्शन से चलने वाले सिस्टम को हैक करना ज्यादा आसान होता है। इन सभी चीजों से बचने की जानकारी लोगों को भी दी जाएगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करेगी।


कॅरियर ग्रोथ की अच्छी अपॉरच्युनिटी
बीयू के कुलपति प्राे. जीडी शर्मा ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी फील्ड में करियर बनाने की अच्छी अपॉरच्युनिटी है। साइबर एक्सपर्ट के रूप में करियर बनाया जा सकता है। पहला कंपनी में जॉब करके, दूसरा सर्विस या प्रोडक्ट बनाकर। एथिकल हैकर के रूप में कंपनीज में जॉब करके या फिर सर्विस प्रोवाइड करके एक बढ़िया करियर तो बनाया जा सकता है। 
 

साइबर क्राइम पर फोकस
ई-रक्षा रिसर्च सेंटर द्वारा सायबर सिक्योरिटी के ऊपर अवेयरनेस, ट्रेनिंग और रिसर्च किया जा रहा है। इसमें छात्रों को थ्योरी में साइबर लॉ, साइबर क्राइम पर फोकस किया जाएगा और प्रैक्टिकल में स्टूडेंट्स को हैकिंग और साइबर सिक्योरिटी के बारे में बताया जाएगा ताकि वे बैंक, होटल, गवर्नमेंट ऑफिस आदि के ऑनलाइन सिस्टम की हैकिंग या साइबर थ्रेट को पहचान सकें।

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