तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल हुआ '7 साल का बॉलर'

तीसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल हुआ '7 साल का बॉलर'
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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली जा रही टेस्ट सिरीज़ में आगामी मैचों के लिए भारत ने हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया है, लेकिन इस से भी ज़्यादा चर्चा है उस खिलाड़ी की जिसे ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टीम में शामिल किया है. 

26 दिसंबर से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी 15 सदस्यीय टीम में एक लेग स्पिनर को शामिल किया है, जिनकी उम्र महज़ सात साल है.

आर्ची तीसरे टेस्ट मैच में टीम के उपकप्तान होंगे. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने शनिवार को आर्ची के सातवें जन्मदिन पर यह ऐलान किया. आर्ची शिलर ने सिरीज़ के पहले, एडीलेड टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के साथ अभ्यास भी किया था.

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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस ख़बर की पुष्टि की है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, आर्ची को टेस्ट टीम में शामिल किए जाने की ख़बर पहले ही इस महीने सार्वजनिक कर दी गई थी. उन्हें सबसे पहले कोच जस्टिन लेंगर ने फोन करके यह ख़बर दी थी. उस वक़्त ऑस्ट्रेलियाई टीम संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सिरीज़ खेल रही थी.

बहादुर आर्ची ने झेला है बहुत कुछ

आर्ची को टीम में शामिल किया जाना दरअसल 'मेक अ विश ऑस्ट्रेलिया' अभियान की वजह से संभव हुआ है. इसके तहत मुश्किल हालात का सामना कर रहे बच्चों की इच्छाएं पूरी करने की कोशिश की जाती है.

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आर्ची अपने छोटे से जीवन में ही ढेरों मुश्किलों का सामना कर चुके हैं. तीन महीने की उम्र में ही उन्हें दिल की एक बीमारी का पता लगा था. उन्हें दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के न्यूरिऊट्पा से मेलबर्न लाया गया जहां उनकी सर्जरी की गई. यह सर्जरी सात घंटे से ज़्यादा समय तक चली.

छह महीने बाद आर्ची के दिल में फिर से वॉल्व और धड़कन से जुड़ी समस्या सामने आई. उन्हें एक बार फिर इलाज से गुज़रना पड़ा. पिछले दिसंबर में उनकी समस्या फिर उभर आई और तीसरी बार उनकी ओपन-हार्ट सर्जरी हुई. परिवार को डर लगा कि इस बार कहीं उन्हें अपने बेटे के बिना न लौटना पड़े.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट के मुताबिक, आर्ची की मां सारा कहती हैं, "हमें बताया गया था कि कुछ भी हो सकता है."

सारा के मुताबिक, "आर्ची अपने स्कूल को बहुत मिस करता है. अगर आपने बैटिंग का या गोल अंपायर बनने का मौक़ा गंवाया तो दूसरा मौक़ा नहीं मिलता. एक दिन वो घर आया और बोला कि मैं अपने दोस्तों को नहीं खोज सका और मुझमें उनके पीछे दौड़ने की ऊर्जा नहीं थी तो मैं वहीं बैठ गया और किताब पढ़ने लगा."

सारा कहती हैं, "मेरे लिए यह दिल तोड़ने वाला था. हालांकि उसने एक ज़िम्मेदार और परिपक्व फैसला लिया था." लेकिन 2018 का क्रिसमस आर्ची के लिए ख़ुशियां लेकर आ रहा है.

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन कहते हैं, "ज़ाहिर है, आर्ची और उसके परिवार ने बहुत मुश्किल वक़्त देखा है. जब उसके पिता ने उससे पूछा कि वो क्या करना चाहत है तो उसने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनना चाहता है. ऐसे एक शख़्स का साथ होना हमारी टीम के लिए बहुत प्रेरणादायक है. बॉक्सिंग डे पर हम उसके पदार्पण को लेकर बहुत उत्साहित हैं."

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