• क्यों पहनते हैं। जनेऊ.....

    क्यों पहनते हैं। जनेऊ.....

    यज्ञोपवीत (जनेऊ) एक संस्कार है। इसके बाद ही द्विज बालक को यज्ञ तथा स्वाध्याय करने का अधिकार प्राप्त होता है। यज्ञोपवीत धारण करने के मूल में एक वैज्ञानिक पृष्ठभूमि भी है।

  • शनिवार को पीपल के नीचे करें ये उपाय, खत्म होगा बुरा समय

    शनिवार को पीपल के नीचे करें ये उपाय, खत्म होगा बुरा समय

    अधिकांश लोगों को शनि दोष की वजह से जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष के अनुसार शनि को न्यायाधिश का पद प्राप्त है।

  • यह रुद्राक्ष है छात्रों के लिए फायदेमंद

    मुख और आकार के अनुसार प्रकृति में कई प्रकार के रुद्राक्ष पाए जाते हैं। सभी रुद्राक्ष की अपनी खूबी होती है इसलिए जरुरी नहीं कि आप जिस उद्देश्य से रुद्राक्ष धारण कर रहे हैं वह रुद्राक्ष उसे पूरा करने में सफल हो।

  • पश्चिम की ओर मुंह करके क्यों पढ़ते हैं नमाज

    अगर आपने किसी नमाजी को नमाज अदा करते हुए देखा है तो याद कीजिए वह किस दिशा में बैठकर नमाज अदा कर रहे थे, आपको याद आ गया होगा कि आपने उन्हें पश्चिम दिशा की ओर बैठकर नमाज अदा करते हुए देखा होगा। भारत में रहने वाले सभी मुसलमान इसी दिशा की ओर मुंह करके नामज अदा करते हैं।

  • मनोकामना पूर्ण करता है सोमवार का प्रदोष व्रत

    कलियुग में महाकल्याणकारी व्रत है प्रदोष का व्रत प्रदोष को तेरस व् त्रियोदशी भी कहते है 7 इस व्रत का कोई दिन निश्चित नहीं होता है, जिस दिन त्रियोदशी तिथि संध्या काल में पड़ती है उस दिन इस व्रत को रहा जाता है

  • पूजा के बाद क्यों जरूरी है आरती?

    घर हो या मंदिर, भगवान की पूजा के बाद घड़ी, घंटा और शंख ध्वनि के साथ आरती की जाती है। बिना आरती के कोई भी पूजा अपूर्ण मानी जाती है। इसलिए पूजा शुरू करने से पहले लोग आरती की थाल सजाकर बैठते हैं।

  • अनेक रूपों का एक रूप श्रीराम

    अनेक रूपों का एक रूप श्रीराम

    राम साक्षात पूर्ण परमात्मा हैं। वे आदर्श मर्यादा रक्षक के रूप में लोक के समक्ष रहे। वस्तुतः वे धर्म की रक्षा और लोकों के उदार के लिए ही अवतरित हुए। भगवान श्रीराम की एक विशेषता यह थी कि उन्होंने सदैव सबके सम्मुख अपने आप को एक सदाचारी आदर्श मनुष्य ही सिद्ध करने का प्रयास किया।

  • रक्षा बंधन की क्या है पूजा-विधि, मंत्र व इतिहास

    हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इसे आमतौर पर भाई-बहनों का पर्व मानते हैं लेकिन, अलग-अलग स्थानों एवं लोक परम्परा के अनुसार अलग-अलग रूप में रक्षाबंधन का पर्व मनाते हैं।

  • आखिर क्या है सृष्टि के पहले दिन का सच?

    सृष्टि का आरंभ कब हुआ इसे लेकर दुनिया भर में अलग-अलग मत हैं। पश्चिमी देशों में दुनिया के शुरू होने की ऐसी निश्चित तिथि नहीं है। ईसाई धर्म में मान्यता है कि ईश्वर ने जब दुनिया की रचना शुरू की तो वह छह दिनों तक इस काम में लगा रहा।

  • इस तरह रामचरित मानस बना धर्म शास्त्र

    करीब पांच सौ साल पहले तक कोई धर्म ग्रंथ हिंदी में नहीं था। सभी धर्म ग्रंथ संस्कृत में थे और चूंकि मध्य काल में शिक्षा दीक्षा का चलन काफी कम हो गया था, भक्ति भावना या धर्म श्रद्धा के लिए लोग संस्कृत विद्वानों की ओर ही ताकते थे।

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