राजनाथ सिंह: सीने को भेदने वाली गोलियां तो खरीदी जा सकती है, पर हमारे #CRPF के जवानों के हौसलों को भेदने के लिए कोई गोली नहीं बनी

राजनाथ सिंह: सीने को भेदने वाली गोलियां तो खरीदी जा सकती है, पर हमारे #CRPF के जवानों के हौसलों को भेदने के लिए कोई गोली नहीं बनी
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गुरुग्राम, 24 मार्च। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के देश में आंतरिक सुरक्षा में दिए गए योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बल की कार्यकुशलता तथा क्षमता बेजोड़ है और देश के सामने चाहे कितनी भी बड़ी चुनौती हो उसका मुकाबला करने वाले शेर हमारे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में मौजूद हैं। 

श्री राजनाथ सिंह आज गुरुग्राम जिला के गांव कादरपुर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपब) गु्रप सैंटर में केरिपब की 79वीं वार्षिक परेड -2018 के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। आज की इस वार्षिक परेड में देश के अलग-अलग सैक्टरों में तैनात केरिपब की 10 टुकडिय़ों ने भाग लिया और इस भव्य परेड का नेतृत्व केरिपब की बारमी वाहिनी के कमांडेंट अजीत सांगवान ने किया। गृह मंत्री ने इन टुकडिय़ों का निरीक्षण किया और भव्य परेड की सलामी ली। 

इसके बाद अपने संबोधन में गृहमंत्री ने कहा कि आज की शानदार परेड देखकर उनका विश्वास और भी दृढ हो गया है कि इस बल के जलवे, पराक्रम और हौंसले के सामने कोई नहीं टिक सकता। उन्होंने यहां तक कहा कि इस बल के जवानों के पराक्रम व हौंसले को भेदने वाला हथियार और गोलियां दुनिया में कहीं उपलब्ध नहीं होंगी। उन्होंने इस बल के वीर जवानों की वीरता और अदम्य साहस के किस्से मंच से सुनाए और कहा कि आज परेड में कीर्ति चक्र वीजेता चेतन चीता को देखकर बेहद खुशी हुई है। उग्रवादियों से लोहा लेते हुए चेतन चीता के सीने में 9 गोलिया लगी थी और वह जिंदगी और मौत की लड़ाई में जीतकर आया है। इसी प्रकार उन्होंने माओवादियों तथा उग्रवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए सिपाही बैलन हारिजन, सिपाही अजय कुमार तथा  सिपाही पी के पाण्डा की वीरगाथाओं का वर्णन किया। 

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केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पहले उग्रवादियों के हाथों हमारे जवानों और नागरिको की हत्या ज्यादा हो रही थी लेकिन आज इस बल की बहादुरी के कारण  माओवादी ज्यादा मारे जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के पराक्रम व हौसले की वजह से आज वामपंथी उग्रवादियों में हताशा है इसलिए वे घात लगाकर हमला करते हैं। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब लड़ाई अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की बस्तरिया बटालियन का अलग से गठन किया गया है। यह बटालियन अब तैनाती के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने उग्रवादियों को गरीब, देश और विकास विरोधी बताते हुए कहा कि देश के सामने माओवाद एक गंभीर चुनौती बन गया है जिसको केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बल ने वीरता और शौर्य के उच्च मानदण्ड स्थापित किए हैं। एक ओर जहां इस बल की बहादुरी की चर्चा होती है वहीं दूसरी ओर इस बल के जवानों में संवेदनशीलता भी देखने को मिली है। पिछले दिनों वायरल हुए एक वीडियों में इसी बल के जवान सुजीत कुमार को देखा गया कि किस प्रकार कश्मीर के एक भूखे व्यक्ति को उसने अपना भोजन परोस दिया। 

उन्होंने इस बल के जवानों को संविधान के रक्षक बताते हुए कहा कि इस दिशा में जो भी बाधाएं आएं उनका आप डटकर मुकाबला करें और आप ऐसा कर भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में यदि सुरक्षा का भाव नहीं रहेगा तो भारत को हम जिन ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं वह नहीं हो पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह बल रचनात्मक कार्यों में भी अपना योगदान देता है। इसी वजह से देश इस बल के सैनिको को याद करता है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस बल के जवान गंगा नदी की सफाई में भी अपना योगदान दे रहे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान, डिजीटल इंडिया अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ तथा कैशलैश ट्रांजैक्शन में भी इस बल ने अहम योगदान दिया। 

अपने संबोधन में गृहमंत्री ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों के लिए किए जा रहे कल्याण कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि हमारी सरकार आपके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा 935 बने बनाए मकानों के अलावा, 10 हजार 195 घर तथा 54 बैरेको का निर्माण इस बल के जवानों के परिवारो के लिए करवाया है।  उन्होंने कहा कि कल ही अर्धसैनिक बलो के महानिदेशकों के साथ उन्होंने एक समीक्षा बैठक की है। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन बलो के जवानों के लिए आवासीय सुविधाओं में बढोत्तरी की जाएगी और ई-टिकटिंग की भी व्यवस्था की गई है। बल का जवान जहां पर ड्यूटी पर होगा उसे यह सुविधा वहीं पर मिलेगी। इसके अलावा, एयर कोरियर की सुविधा भी शुरू की गई है। दिल्ली से डिबरूगढ़-गुवाहाटी-दिल्ली के बीच एयर कोरियर की सुविधा शुरू कर दी गई है। 

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उन्होंने ‘भारत के वीर’ पोर्टल का भी जिक्र किया और कहा कि हालांकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वीर जवानों की जान की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती लेकिन सरकार का प्रयास है कि इस बल के वीरगति को प्राप्त होने वाले शहीद के परिवार को एक करोड़ रूपए से कम राशि ना दी जाए। राजनाथ सिंह ने कहा कि अब तक एक-दो मामलों को छोडक़र इस बल के सभी शहीदों को यह राशि दी जा चुकी है। यह योजना को एक जनवरी 2016 से लागु हो चुकी है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने इससे पहले आतंकवादियों के साथ लोहा लेते हुए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देेने वालो को अपनी हृद्य की गहराईयों से श्रद्धांजलि अर्पित की। आज के कार्यक्रम में उन्होंने इस बल के 21 कर्मियों को उनकी बहादुरी के लिए विभिन्न पुलिस पदकों से अलंकृत किया। इनमें शहीद सिपाही बैलन हारिजन, शहीद सिपाही अजय कुमार तथा शहीद सिपाही पी के पाण्डा को मरणोपरांत पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इनके अलावा, सिपाही राजीव रंजन, सिपाही सरोज कुमार माथुर, सिपाही बजेश बी, सिपाही कौशल सिंह, सिपाही शब्बीर अहमद खान, सिपाही एस प्रकाश, सिपाही तपन कुमार बरमन, सिपाही विश्वभान सिंह, हवलदार पवन कुमार, उप निरीक्षक संदीप, उप निरीक्षक श्रवण कुमार, सहायक कमांडेंट अंजनि कुमार, 15 लाख रूपए के ईनामी माओवादी को पकडऩे वाले सहायक कमांडेंट नीरज कुमार उत्तम, सहायक कमांडेंट कुलदीप सिंह दहिया, सहायक कमांडेंट अजीत कुमार, सहायक कमांडेंट नरेश कुमार, सैकेण्ड इन कमांड अशोक कुमार तथा कमांडेंंट राजीव कुमार चौधरी शामिल थे।

इनके अलावा, श्री राजनाथ सिंह द्वारा इस बल की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बटालियनों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इनमें जम्मू कश्मीर में सर्वश्रेष्ठ परिचालिनी के लिए 45वीं वाहिनी को तथा नकसल प्रभावी क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ परिचालिनी के लिए 158वीं वाहिनी को ट्रॉफी दी गई। इसी प्रकार उत्तर पूर्व में सर्वश्रेष्ठ परिचालिनी के लिए 147वीं वाहिनी, 204 कोबरा बटालियन को सर्वश्रेष्ठ कोबरा बटालियन की ट्रॉफी दी गई और ग्रुप केंद्र ग्वालियर को सर्वश्रेष्ठ ग्रुप केंद्र तथा सीआईएटी शिवपुरी को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान की ट्रॉफी प्रदान की गई।

आज की 79वीं वर्षगांठ परेड में उत्तर क्षेत्र महिला की टुकड़ी, रैपिड एक्शन फोर्स सैक्टर, कोबरा सैक्टर, पश्चिमी सैक्टर, दक्षिणी सैक्टर, के के सैक्टर, सैंट्रल सैक्टर, उत्तर पूर्व सैक्टर, एमपी सैक्टर तथा उत्तर पश्चिम सैक्टर की टुकडिय़ों सहित 10 टुकडिय़ों ने भाग लिया, जिनकी पहचान उनकी अलग-अलग रंगो की टोपी से हो रही थी। समारोह में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डॉग स्क्वायड, महिला रायफल ड्रिल तथा मलखंब नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

इससे पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक राजीव राय भट्नागर ने मुख्य अतिथि श्री राजनाथ सिंह का स्वागत करते हुए बताया कि इस बल की स्थापना 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासनकाल के दौरान क्राउन रिप्रजेनटेटीव्ज के तौर पर की गई थी और सन् 1949 में तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा इसे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में परिवर्तित किया गया था। इस बल में 243 बटालियनों में लगभग 3 लाख 18 हजार कर्मचारी हैं और यह दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है। उन्होंने कहा कि अब तक इस बल ने 1680 वीरता पदक प्राप्त किए हैं और इस बल के 2121 कर्मियों ने शहादत दी है। उन्होंने बताया कि 2017-18 में इस बल के 63 बहादुर कर्मी शहीद हुए हैं और इस अवधि में 172 अलगाव वादियों को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि हमारा जवान जान हथेली पर लेकर चलता है। कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के विशेष महानिदेशक दीपक मिश्रा ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार जताया। 

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