हरियाणा डेयरी को एक साल में 42 करोड़ 25 लाख रु. का लाभ: जीएल शर्मा

हरियाणा डेयरी को एक साल में 42 करोड़ 25 लाख रु. का लाभ: जीएल शर्मा
Advertisement

गुडग़ांव: वरिष्ठ भाजपा नेता और हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ के चेयरमैन जीएल शर्मा ने कहा कि जनता के सच्चे हितैषी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के दिशा निर्देशन में हरियाणा डेयरी लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हरियाणा डेयरी को लगातार विकसित करना ही हमारा मिशन है। 

इस मिशन के तहत भविष्य के लिए कई योजनाएं तैयार की गई हैं और ऐसा होने के बाद हरियाणा डेयरी देशभर में सर्वाधिक विकसित प्रसंघ साबित होगा। बतौर चेयरमैन एक साल के कार्यकाल का हवाला देते हुए जीएल शर्मा ने कहा कि इतने ही दिनों के अंदर हरियाणा डेयरी ने करीब 42 करोड़ 25 लाख रुपए की आय अर्जित करने के साथ पशुपालकों की आय में भी भारी वृद्धि की है। 

जीएल शर्मा ने उक्त उद्गार भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हुई समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किए। इस मौके पर मौजूद कॉलेज आउटरीच कमिटी, भाजयुमो हरियाणा के सह प्रभारी सुमित शर्मा, अर्जुन मंडल अध्यक्ष महेश वष्शिठ, शीतला मंडल अध्यक्ष सीता राम सिंघल, सरस्वती मंडल अध्यक्ष पीएन सिंह व दयानंद मंडल अध्यक्ष वेद भारत आर्या अमित शर्मा, सागर ठाकराण, प्रवीन खटाना, दीपक चावला शीतला मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा, संजय भारद्बाज, सतेन्द्र राठी, आकाश शर्मा, साहिल सहरावत, नीरज शर्मा, आदि ने संयुक्त रुप से कहा कि जीएल शर्मा हरियाणा डेयरी का लगातार विकास कर रहे हैं। इसके लिए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री के साथ जीएल शर्मा को धन्यवाद दिया। 

Advertisement

चेयरमैन जीएल शर्मा ने बताया कि विगत 2012-13 में दुग्ध उत्पादकों को एक लीटर दूध के लिए औसतन 26 रूपये का रेट दिया जाता था। वहीं अब औसतन लगभग 35.50 रूपये का रेट दिया जा रहा है जो पिछले रेट से करीब 28 फीसदी अधिक है। अप्रैल 2017 से सितम्बर 2017 तक दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपए प्रति लिटर प्रोत्साहन के तौर पर देने का निर्णय लिया गया है जिसके लिए लगभग 35.40 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

पिछले वर्ष 31.17 करोड़ रुपये की रािश दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन के तौर पर दी गई थी। प्रधानमंत्री की घोषणा अनुसार किसान की आमदनी दोगुणा करने के लिए हरियाणा डेयरी ने भी प्रयास किया है तथा घोषणा की है कि जिन दुग्ध उत्पादकों ने 1 अप्रैल 2016 से 30 सितम्बर 2016 तक सहकारी समिति में दूध दिया है उन्हें 1-50 रूपया प्रति लीटर दूध पर बतौर लोयल्टी दिया जिसपर करीब 9.6 करोड़ रुपए राजस्व लगा। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ द्वारा वर्तमान में 6 दुग्ध संयंत्रों के माध्यम से औसतन 4 लाख 80 हज़ार लीटर दूध प्रतिदिन संकलन किया जा रहा है जोकि 2013-14 में 4 लाख 3 हजार लीटर था।  2013-14 में केवल 5 मिल्क प्लांट थे लेकिन 2014-15 में कुरुक्षेत्र में स्थित चिलिंग प्लांट का विस्तार कर वहां मिल्क प्लांट स्थापित किया गया इस प्रकार अब प्लांटों की संख्या 6 हो गई है।  

दूध की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए मिल्क प्लांटों व चिलिंग सैन्टरों से दूर की समितियों को बल्क मिल्क कूलर्ज (बीएमसी) उपलब्ध करवाए गए हैं जिनकी संख्या 214 है  जो 2013-14 में 180 थी। राज्य में कुल 6300 दुग्ध उत्पादक समितियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 2013-14 में 3230 समितियां कार्य कर रही थी जिनकी संख्या बढक़र इस समय 3470 हो गई है। 2017-18 में 1100 समितियों को और जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए बन्द पड़ी समितियों को फिर से चलाने व कुछ नई समितियों का गठन किया जाएगा।  वर्तमान में इन समितियों के माध्यम से 106398 दुग्ध उत्पादक दूध सप्लाई कर रहे है जबकि 2013-14 में इनकी संख्या 105183 थी। डेयरी प्रसंघ जहां दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक व सामाजिक उन्नति के लिए कार्य कर रही है 

Advertisement

वहीं उपभोक्ताओं को उचित दरों पर प्रमाणिक तौर पर शुद्ध दूध व दुग्ध पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है। वर्तमान में 375 वीटा बूथों के माध्यम से औसतन 3.27 लाख लिटर दूध प्रतिदिन बिक्री किया जाता है। इसके अतिरिक्त शुद्ध घी, मक्खन, पनीर, मिठी लस्सी, नमकीन लस्सी, सादी लस्सी, खीर, काजू-पिन्नी, मिल्क केक, बेसन लडडू, आईसक्रीम, सुगन्धित मीठा दूध भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। हरियाणा डेयरी की सेल टर्नओवर जोकि 2014-15 में 870 करोड़ थी वह 2016-17 में बढ़ कर लगभग 925 करोड़ हो गई है।

वीटा ए2 देसी गाय के पास्च्युरीकृत दूध का शुभारांम्भ मुख्यमंत्री द्वारा कया जा चुका है। इसके अलावा स्वर्ण जंयती बाल दुग्ध योजना के प्राथमिक स्कूल के लगभग 17 लाख बच्चों को प्रतिदिन 200 मिटरी लीटर दूध वर्ष में कम से कम 236 व अधिकतम 280 दिन उपलब्ध करवाया जाएगा। दुग्ध का विटामिन ‘सी’ और विटामिन ’डी’ के साथ पोषण संवर्धन करना, वित्तीय वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही से सभी दुग्ध संघों ने टोन्ड और डबल टोन्ड दूध का विटामिन ‘सी‘ और विटामिन ‘डी‘ के साथ पोषण संवर्धन करना शुरु कर दिया है।

Tags:

National News State News Haryana News Gurgaon News Gurugram News हरियाणा Haryana Dairy G.L. Sharma
Advertisement