हरिद्वार: गंगा किनारे 100 मी. तक नो डेवलपमेंट जोन, 500 मी. कचरा फेंका तो 50 हजार जुर्माना

हरिद्वार: गंगा किनारे 100 मी. तक नो डेवलपमेंट जोन, 500 मी. कचरा फेंका तो 50 हजार जुर्माना
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नई दिल्ली/हरिद्वार. हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा के किनारों से 100 मीटर दूर तक का इलाका नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा नो डेवलपमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। NGT ने कहा कि इस इलाके में गंगा के किनारों से 500 मीटर दूर तक किसी भी तरह का कचरा भी नहीं फेंक सकते हैं।

इसके अलावा अगर कोई भी शख्स गंगा में कचरा डालता है तो उसे 50 हजार रुपए इन्वॉयरमेंट कम्पनसेशन के तौर पर देने होंगे। बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गंगा को जीवित नदी का दर्जा दिया था। HC के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी नर्मदा को जीवित नदी का दर्जा देने का एलान कर चुके हैं।

NGT ने क्या-क्या कहा?

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- NGT ने कहा, "ट्रिब्यूनल ने कहा कि ये यूपी का काम है कि वो चमड़े का कारखाना जाजमऊ से उन्नाव या कभी भी, जहां उसे ठीक लगता है, वहां शिफ्ट कर दे और ये काम 6 हफ्तों की भीतर किया जााना चाहिए। "

- ट्रिब्यूनल ने यूपी और उत्तराखंड को गंगा और उसकी सहायक नदियों के घाटों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए।

- ट्रिब्यूनल के निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इस पर नजर रखने के लिए NGT ने सुपरवाइजर कमेटी का भी गठन किया। ट्रिब्यूनल ने रिपोर्ट और अपने 543 पन्नों के फैसले में ये निर्देश दिए हैं।

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