मनोहर सरकार, तीन साल-हरियाणा बदहाल: पूर्व सीएम हुड्डा

Advertisement

मनोहर सरकार पर जमकर बरसे भूपेंद्र सिंह हुड्डा 

इवेंट मैनेजमैंट कम्पनी की तरह काम करने का लगाया आरोप 

हरियाणा सरकार प्रदेश की जनता का विश्वास खो चुकी है सरकार

 

चण्डीगढ़ 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार के कार्यकाल के तीन साल पूरे हाने पर कहा कि इस कार्यकाल की समीक्षा केवल एक पंक्ति में की जा सकती है - तीन साल/हरियाणा बदहाल । हुड्डा ने कहा कि ऐसा लगता है कि हरियाणा में सरकार की बजाये एक इवेंट मैनेजमैंट कम्पनी काम कर रही है। हरियाणा की जनता की खून-पसीने की कमाई का 1600 करोड़ रूपया प्रदेश की स्वर्ण जयंति वर्ष में सरकार ने अपनी वाहवाही करवाने पर खर्च कर दिया। इतनी बड़ी रकम से विकास कार्य करवाये जाते तो प्रदेश का भला होता।

Advertisement

हुड्डा ने कहा कि झूठ बोल कर वोट मांगने वाली हरियाणा सरकार प्रदेश की जनता का विश्वास खो चुकी है, इसलिए इस सरकार को अपनी झूठों के लिए हरियाणा की जनता से माफी मांगनी चाहिए और तुरन्त इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतर कर नया जनादेश लेना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि पिछले पचास सालों के दौरान हरियाणा में ऐसी नकारा सरकार नहीं आई जिसके कार्यकाल में पूरे प्रदेश को तीन बार राजनैतिक षड्यंत्र के तहत जलवाया गया हो। इस सरकार के कार्यकाल में अब तक तीन घटनाओं में पुलिस की गोली से छः दर्जन से अधिक निर्दोष नागरिक मारे जा चुके हैं। इतने नागरिकों की हत्या आतंकवाद प्रभावित जम्मु कश्मीर में भी नहीं हुई हैं। यह शांतिप्रिय प्रदेश हरियाणा के माथे पर एक अमिट कलंक है, जिसके जरिये खुद सरकार ने प्रदेश के भाईचारे को तार-तार करने का षड्यंत्र रचा।

उन्होंने यह भी बताया  कि गत तीन वर्षों में भाजपा सरकार ने प्रदेश को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। चारों ओर हाहाकार मचा है।  किसान, मजदूर, व्यापारी और कर्मचारी हर वर्ग त्राही-त्राही कर रहा है। युवाओं को रोजगार देना तो दूर की बात उनके रोजगार छीन कर बेरोजगारों की एक बड़ी फौज खड़ी कर दी है। 

Advertisement

नोटबन्दी और जीएसटी के कारण प्रदेश में व्यापार और उद्योग पूरी तरह चौपट हो गए हैं। अब तक 10 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो चुके हैं और हालात सुधरने की बजाये निरंतर बिगड़ रहे हैं। इसके विपरीत हरियाणा सरकार तीन साल के कार्यकाल में केवल 7886  रोजगार दे सकी है और पहले से कार्यरत करीब 50000  युवाओं का सरकारी रोजगार छीन चुकी है। रोजगार के लिए आयोजित होने वाली परिक्षाओं के पेपर रोजाना लीक हो रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। अपराधी निडर घूम रहे हैं और आम शरीफ हरियाणवी डर के साये में अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। हत्या, डकैती और बलात्कार जैसे घिनौने अपराधों की खबरों से समाचार पत्र भरे रहते हैं। रामपाल प्रकरण, आरक्षण आन्दोलन और राम रहीम प्रकरण में सरकार की विफलता से हर हरियाणवी की जुबान पर एक ही बात है कि ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार रहित है। 

भाजपा सरकार द्वारा इस वर्ष गन्ने के मूल्य में केवल १०/-रूपये प्रति क्विंटल की वृद्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गन्ने का मूल्य किस्म अनुसार ३१० से ३२०/- रूपये प्रति क्विंटल की बजाये ३२० से ३३०/- रूपये प्रति क्विंटल तय किया गया है और वह भी तब जब भारत सरकार ने ११/- रूपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। हमारी सरकार  के समय उन्होंने गन्ने का मूल्य बढ़ा कर ३१०/- रूपये प्रति क्विंटल किया था जबकि उस समय चीनी का मूल्य ३०/- रूपये किलो था। अब जबकि चीनी का मूल्य ४२/- रूपये किलो है तो गन्ने का रेट ४००/- रूपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। इस वर्ष शुगर मिल्ज ने गन्ने की खरीद के लिए बाॅण्ड की सीमा १४० क्विंटल प्रति एकड़ तय की है जबकि इस साल बम्पर क्राॅप होने की वजह से लगभग ४०० क्विंटल प्रति एकड़ बैठ रहा है। बाकि गन्ना कहां जाएगा, जबकि सरकार कह रही है कि गन्ने की एक-एक पोरी को खरीदा जाएगा। इस तरह गन्ना उत्पादकों को सूरजमुखी, मक्का व बाजरे की फसल की तरह ही तैयार फसल का बड़ा हिस्सा औने-पौने दामों में बेचने की मजबूरी होगी। उन्होंने मांग की कि गन्ने का भाव ४००/- रूपये प्रति क्विंटल तय हो, समय पर पेमैंट हो और खरीद में कोई सीलिंग न हो।

गेहुं के समर्थन मूल्य में १००/- रूपये की बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा हरियाणा के कृषि मंत्री कांग्रेस सरकार के दौरान अर्धनग्न होकर गेहुं का समर्थन मूल्य २१००/- रूपये प्रति क्विंटल की मांग  को लेकर प्रदर्शन करते थे, वही लोग अब १७३५/- रूपये का स्वागत किस मुंह से कर रहे हैं ?

हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने सैक्टरों में पानी व सीवरेज की दरों में एकदम छः गुणा बढ़ोतरी की है, जो सबका साथ - सबका विकास का अद्भुत नमूना है। इससे लोगों में भारी रोष है, क्योंकि दरों में इतनी बड़ी वृद्धि हरियाणा के इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। सरकार को जनहित में ये आदेश तुरन्त वापिस लेने चाहिएं। हरियाणा में यह प्राचीन परम्परा रही है कि प्यासे के लिए प्याऊ लगाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा आज पत्रकारों के लिए १०,०००/- रूपये पैंशन की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार आने पर वे प्रति वर्ष इस पैंशन में १,०००/- की बढ़ोतरी करेंगे। 

भाजपा सरकार को जुमलेबाज बताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में प्रदेश की जनता से १५४ वायदे किए थे, एक भी पूरा नहीं किया।

किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के बजाए उनकी फसलों को मंडियों में कौडियों के भाव खरीदा जा रहा है।

फसल  बीमा  योजना  के  नाम  पर  किसानों  को लूटकर  प्राईवेट सैक्टर की कंम्पनियों की तिजौरी भरी जा रही हैं।

बुजुर्गों, महिलाओं, निश्क्तों को २००० रूपये मासिक पैंशन देने का वायदा केवल घोषना पत्र के पन्नों में रह गया है।

इसी प्रकार बेरोजगार युवकों को ९००० रूपये महीना मानदेय देने के वायदे को सरकार ने रद्दी की टोकरी में फैंक दिया है।

प्रदेश के कर्मचारी कांग्रेस शासन काल में आए छठे वेतन आयोग की तर्ज पर ही सातवें वेतन आयोग में वेतन बढ़ौतरी की इंतजार में थे, लेकिन नाममात्र की बढ़ौतरी से उनमें मायूसी छाई हुई है। कर्मचारी  सरकार  का अभिन्न अंग होता है, लेकिन उसका सरकार से विश्वास खत्म हो चुका है। इसी प्रकार हरियाणा की ब्यूरोक्रेसी निकम्मी नहीं है, समस्या यह है कि यह अनुभवहीन सरकार उनसे काम नहीं ले पा रही है।

प्रदेश के लोगों को २४ घंटे बिजली देने का वायदा तो जुमला बन कर रह गया है।

अनुसूचित जाति के लोगों को मकान देने का वायदा किया था, मकान देना तो दूर की बात मकान के नाम पर एक ईंच भूमि भी नहीं दी गई। हमारी सरकार के समय शुरू की गई १००-१०० गज के प्लाॅट देने की योजना बन्द कर दी गई है।

भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आगे कहा कि यह सरकार जुमलेबाज ही नहीं घोटालेबाज भी है। इस सरकार के दौरान तीन साल में अनेक घोटाले सामने आए हैं, जिनमें प्रमुख हैं -

 गिरदावरी घोटाला, 

रैक्सिल/दवाई खरीद घोटाला, 

गालवोल्यूम सीटस घोटाला, 

बावल भूमि अवार्ड घोटाला, 

सरस्वति कुंज, गुड़गांव मेम्बरशिप घोटाला, 

धान तथा बाजरा खरीद घोटाला, 

कपास बीज व कीटनाशक खरीद घोटाला, 

फसल बीमा घोटाला, 

डाडम खनन घोटाला, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने भी टिप्पणी की है।

मीटर खरीद घोटाला

गुड़गांव मैट्रो रूट बदलाव घोटाला

हाईडल प्रोजैक्टस घोटाला

भाजपा सरकार ने हाल ही में कौशल्या व घग्घर नदी पर ८ हाईडल प्रोजैक्टस स्वीकृत किये हैं, जिनमें पारदर्शिता बिल्कुल नहीं दिखाई गई और न ही कोई प्रोसीजर अपनाया गया है। ये ८ हाईडल प्रौजेक्टस एक ही पार्टी व उसके पारिवारिक सदस्यों को अलाॅट किये गये। इसके अतिरिक्त इन प्रोजैक्टस को १००-१०० किलोवाट में विभाजित करके अलाॅट किये गये हैं, जिससे इन्हें करोड़ों रूपये की सब्सिडी प्राप्त होगी। चेयरमैन, एचईआरसी ने इन प्रोजैक्टस की वायबिलिटी बारे प्रश्न उठाये हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि इन प्रोजैक्टस की तकनीकि रूप  से वेरिफिकेशन करवाई जानी बहुत आवश्यक है। हरियाणा पावर प्रचेज सेन्टर ने इन प्रोजैक्टस की बिजली खरीद बारे एग्रीमेंट भी कर लिये हैं। इस सारे मामले की उच्च स्तरीय जाँच करवाई जानी चाहिए।

उन्होंने एसवाईएल और दादुपुर-नलवी  नहर का जिकर करते हुए कहा कि हरियाणा की सिंचित भूमि को तीन भागों में बांटा जा सकता है। 

यमुना से सिंचित क्षेत्र

यमुना में पानी कम होता जा रहा है।

भाखड़ा से सिंचित क्षेत्र

सर्वोच्च न्यायालय के अन्तिम आदेश के बावजूद हरियाणा की कमजोर सरकार एसवाईएल का निर्माण कार्य शुरू नहीं करा पा रही है।

ट्यूबवैल से सिंचित क्षेत्र

उत्तरी हरियाणा का यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी भूमि दुनिया में बहुत उपजाऊ मानी जाती है, लेकिन इस भूमि के नीचे का जल स्तर तेजी से घट रहा है, उसे रिचार्ज करने के लिए 

हमारी सरकार ने दादुपुर-नलवी नहर का निर्माण कराया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने दूरदर्शिता की कमी के कारण इस नहर को पाटने का फैसला कर लिया।

हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि यमुना में पानी यूंही कम होता रहा, एसवाईएल का निर्माण कार्य यूंही ठप्प रहा, दादुपुर-नलवी नहर को बरकरार रख कर उत्तरी हरियाणा में भूगत जल स्तर को रिचार्ज नहीं किया तो वह दिन दूर नहीं जब सारे देश का पेट भरने वाला यह हराभरा हरियाणा खट्टर सरकार की गलत एवं अदूरदर्शी नीतियों के कारण एक दिन जैसलमेर और बाढ़मेर जैसा रेगिस्तान बन जाएगा।

Tags:

Hudda CM ManoharLal Congress पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा भाजपा सरकार हरियाणा
Advertisement