गुडगाँव: उद्योग विशेषज्ञ ने 'फैब्रिक और गारमेंट परीक्षण' पर लगाई वर्कशॉप

गुडगाँव: उद्योग विशेषज्ञ ने 'फैब्रिक और गारमेंट परीक्षण' पर लगाई वर्कशॉप
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-परिधान ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर (ATDC) के परिसर में 'फैब्रिक और गारमेंट परीक्षण' पर कार्यशाला का आयोजन  

-टीयूवी राईनलैंड के सहयोग से हुआ आयोजन

-कार्यशाला के द्वारा रेशे के विश्लेषण, भौतिक गुण, रासायनिक गुण, कपड़े की मजबूती तथा रंग स्थिरता का प्रशिक्षण प्रदान किया गया

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गुडगाँव: परिधान क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता, परिधान ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर (ATDC) ने अपने गुड़गांव परिसर में 'फैब्रिक और गारमेंट परीक्षण' पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का संचालन टीयूवी राईनलैंड प्रयोगशाला के वरिष्ठ प्रबंधक अमित सलूजा ने किया जिसमें एटीडीसी के 50 से अधिक छात्रों सहित उद्योग कर्मियों ने भाग लिया|  कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कपड़े और परिधान के परीक्षण के क्षेत्र में छात्रों के ज्ञान का अभ्युत्थान करना था। इसके माध्यम से उन्हें रेशे के विश्लेषण, भौतिक गुण, रासायनिक गुण, कपड़े की मजबूती, रंग स्थिरता में प्रशिक्षण प्रदान किया गया| इससे छात्रों के करियर को गति तो मिलेगी ही, साथ ही साथ उद्योग कर्मियों के कौशल का स्तर भी समृद्ध होगा।

इस परीक्षण का महत्व, नियामक आवश्यकताओं और संबंधित देश के सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए है जिससे यह अनुमोदित हो सके की इस्तेमाल किये जाने वाले कपड़े उचित है या नहीं | इस परिक्षण द्वारा जाँच के बाद वापसी की प्रक्रिया से बचने में मदद मिलेगी और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है की ब्रांड संरक्षण भी होगा| 

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इस अवसर पर एटीडीसी की प्राचार्या मंजू सिंह ने कहा कि “मैं विश्वास के साथ कह सकती हूँ की कपड़े 'फैब्रिक और गारमेंट परीक्षण' के प्रदर्शन से लक्षित उपभोक्ताओं को आवश्यक गुणवत्ता की एक अंतर्दृष्टि प्रदान होगी तथा ऐसे कार्यशालाओं के माध्यम से मानक रेशे और कपड़े के उत्पाद विकास में मदद मिलेगी | 

इस परिक्षण प्रकिया में मूल रूप से तीन चरण आतें हैं । पहले चरण में कच्चे माल की जाँच जिसमें रेशा और धागा परिक्षण है | दूसरे चरण में कपड़ा परीक्षण आता है जसमें उत्पाद को अंतिम रूप देने से पहले, भौतिक, रंग और रासायनिक गुणों की जाँच होती है, और तीसरा तथा अंतिम चरण नियामक परीक्षण होता है |

टीयूवी राईनलैंड प्रयोगशाला के वरिष्ठ प्रबंधक, अमित सलूजा ने कहा कि “परिधान के क्षेत्र में नियामक मानदंडों के अनुपालन की पुष्टि करने के लिए प्रत्येक स्तर पर कपड़ा का परिक्षण, विश्लेषण तथा उत्पादों का प्रदर्शन व आकलन एक महत्वपूर्ण कार्य है|” 

टीयूवी राईनलैंड,  हानिकारक सामग्री , खतरनाक पदार्थों, सभी प्रकार के प्रदर्शन और वस्त्र उत्पादों के सुरक्षा के मूल्यांकन में मौलिक विशेषज्ञता युक्त ज्ञान प्रदान करता है और इनका तटस्थ तथा स्वतंत्र समर्थन करता है |

एटीडीसी के एक छात्र ने बताया कि “कार्यशाला में आने के बाद महसूस किया कि मैंने बहुत कुछ सीखा जो मुझे सैद्धांतिक पढाई से ज्ञात नहीं हो पाता तथा अभी तक कपड़े के प्रत्येक स्तर पर परीक्षण से सम्बंधित जानकारी भी संक्षेप में ही मिली थी | इस कार्यशाला से भविष्य में मुझे परिधान विकास की प्रक्रिया में काफ़ी मदद मिलेगी |”

एटीडीसी के बारे में

एटीडीसी परिधान क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता है| जो कि एईपीसी (AEPC) के तत्वावधान के अंतर्गत आता है| इसके 22 राज्यों और 85 शहरों में 200 एटीडीसी कौशल शिविर स्थित है जिनमें 65 एटीडीसी वोकेशनल संस्थान और 135 एटीडीसी स्मार्ट केन्द्र शामिल है| एटीडीसी अभी तक 2 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित कर चूका है| 

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