अनुपम खेर के जन्मदिन पर जानिए उनके बारे में कुछ रोचक |

अनुपम खेर के जन्मदिन पर जानिए उनके बारे में कुछ रोचक |
Advertisement

खबर लाइव (आशुतोष शर्मा) 

 

अनुपम खेर का जन्म 7 मार्च, 1955 को हुआ था. बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं. वे वर्तमान में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीटीआई) के अध्यक्ष हैं. अनुपम खेर बॉलीवुड में कैरेक्टर एक्टर से लेकर कॉमेडियन और विलेन तक का रोल निभा चुके हैं. यही नहीं, जितने एक्टिव वे बॉलीवुड में रहे हैं उतने ही हॉलीवुड में भी उन्होंने रोल किए हैं. उनकी दूसरी ही फिल्म 'सारांश (1984)' के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया था. वे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के चेयरमैन पद पर भी रह चुके हैं. सांसद और एक्टर किरण खेर अनुपम खेर की पत्नी हैं. 2004 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था और 2016 में उन्हें पद्मभूषण मिला

Advertisement

एक पत्रकार को मारा था थप्पड़

अनुपम के करियर का शुरूआती दौर था. स्टारडस्ट मैगजीन के एक रिपोर्टर ने उनके बारे में ऊटपटांग बातें छाप दी थीं. मैगजीन में अनुपम के पापा के बारे में, अनुपम की परवरिश, उनके रहन-सहन वगैरह के बारे में बहुत हल्की बातें लिखी गई थीं. ज़ाहिर सी बात है. अनुपम को गुस्सा आ गया था. पुणे में एक प्रेस मीट के दौरान उन्होंने उस आर्टिकल को लिखने वाले जर्नलिस्ट को खींच कर एक कंटाप रसीद दिया था. बस. बवाल कट गया था. पूरी फिल्म इंडस्ट्री दो खेमों में बंट गई थी. आधे लोग अनुपम के विरोध में थे. उनका कहना था कि किसी पर भी हाथ उठाने का अनुपम को कोई हक नहीं था. लेकिन बहुत सारे ऐसे लोग थे. जिन्होंने अनुपम को सपोर्ट किया था. कई बड़े और मशहूर एक्टर अनुपम को तार भेजकर बधाई दे रहे थे. उनके साथ खड़े थे. इनमें से एक थे देव आनंद. देव आनंद का कहना था कि ये मैगजीन वाले अपनी आज़ादी का बहुत गलत फायदा उठा रहे हैं. स्टार्स की वजह से मैगजीन चलती हैं. मैगजीन की वजह से एक्टर बड़े स्टार नहीं बनते.

अनुपम को भी एहसास जैसा कुछ हुआ होगा. थप्पड़ मारने के लिए उन्होंने माफ़ी मांगी थी. कहा था कि मैं शायद कुछ ज्यादा ही गुस्से में आ गया था. आइंदा ऐसा कभी नहीं करूंगा. लेकिन उस घटना के बाद अनुपम लोगों के बीच एक हीरो की तरह मशहूर हो गए थे. जिसको अपने लिए स्टैंड लेना आता था. उसका फायदा अनुपम को ये हुआ कि अब उनको अखबारों और मैगजीन के एडिटर मिलने के लिए बुलाने लगे. अनुपम के इंटरव्यू होने लगे. और अनुपम बड़ी हस्तियों के साथ बैठकर न्यूज़ और मैगजीन की आज़ादी पर बोलने और लिखने लगे.

Advertisement

Tags:

anupamkher bollywood khabarlive
Advertisement