हरियाणा में खसरा-रूबेला से बचाव का टीकाकरण 25 अप्रेल से

हरियाणा में खसरा-रूबेला से बचाव का  टीकाकरण 25 अप्रेल से
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गुरुग्राम,प्रवीण शर्मा। खसरा-रूबेला से बचाव का टीका प्राईवेट अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है और यह टीका केवल सरकारी अस्पताल में उपलब्ध है। इन दोनो बिमारियों से बचाव के लिए गुरुग्राम जिला में 25 अपै्रल से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा जिसके अंतर्गत 9 महीने से 15 साल तक के सभी बच्चों को खसरा-रूबेला से बचाव का एक टीका लगाया जाएगा।

इस संबंध में जानकारी गुरुग्राम के सिविल सर्जन डा. बी के राजौरा ने आज अपने कार्यालय परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए आयोजित कार्यशाला में दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत सभी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर प्रत्येक बच्चे को एक टीका लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टीका बहुत उत्तम किस्म का है और अब तक देश के 13 राज्यों के 6.5 करोड़ बच्चों को लगाया जा चुका है, कहीं से भी इस टीके के कारण बच्चे को प्रतिकूल प्रभाव पडऩे के बारे में सूचना नही है। उन्होंने कहा यह टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है। 

 

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डा. राजौरा ने बताया कि निजी अस्पतालों में खसरा-रूबेला से बचाव का यह टीका उपलब्ध ही नही है। यह टीका सरकार द्वारा केवल सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करवाया गया है और बच्चों को इन बिमारियों से बचाने के लिए यह टीका मुफत लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह टीका ऑटो डिस्पोजेबल सिरिंज से लगेगा, जिससे एक बच्चे को टीका लगाने के बाद उसी सिरिंज से दूसरे बच्चे को टीका नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि इस टीके को 2 से 8 डिग्री सैंटीगे्रड तापमान की कोल्ड चेन में रखा गया है ताकि इसका प्रभाव खत्म ना हो। टीकाकरण की तैयारियों का उल्लेख करते हुए डा. राजौरा ने बताया कि गुरुग्राम जिला में कुल 637284 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है। इसके लिए 299 एएनएम, 90 चिकित्सक, 1026 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा 967 आशा वर्करों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिला के सभी 1887 सरकारी व प्राईवेट स्कूल कवर किए जाएंगे। 

 

इस मौके पर उपस्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रतिनिधि डा. बिंदु यादव ने  विस्तार से समझाया कि खसरा और रूबेला बिमारियों के क्या दूषपरिणाम हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ये दोनो बिमारी 15 साल तक के बच्चों में अधिक होती हैं, इसलिए केंद्र सरकार ने अभियान चलाकर प्रत्येक बच्चे को एक टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि ये बिमारियां वायरस से होती हैं और जिन बच्चों को टीका किसी कारणवश नही लगेगा तो उन्हें ये बिमारी होने का खतरा बना रहेगा। डा. बिंदु ने बताया कि यह अभियान पूरे एक महीने चलेगा और उसके बाद टीकाकरण से छूट गए बच्चों को मोपअप राउंड में कवर किया जाएगा। इसके बाद भी स्वीपिंग एक्टीविटी चलाकर बाकी बचे 9 महीने से 15 वर्ष के बच्चों को कवर किया जाएगा। 

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उप सिविल सर्जन डा. नीलम थापर ने बताया कि टीका लगाने वाली एएनएम पीले रंग की जैकेट पहने हुए होंगी जोकि लायंस क्लब द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह टीका लगना जरूरी है। इसके लिए अभिभावकों तथा विद्यालय प्रमुखों की शंकाओ को दूर करने में इंडियन अकेडमी ऑफ पिडियट्रिक्स (आईएपी) द्वारा जिला प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। आईएपी के सचिव डा. अभिषेक गुप्ता स्वयं स्कूलों में जा रहे हैं। डा. थापर ने बताया कि इस टीकाकरण अभियान के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मंगलवार को प्रात: 9 बजे नागरिक अस्पताल से एक रैली निकाली जाएगी जिसमें एनसीसी कैडेट, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर शामिल होंगी। 

टीकाकरण में सहयोग दे रही युनैस्को की प्रतिनिधि डा. मिनाक्षी ने बताया कि टीकाकरण के लिए सब सैंटर से लेकर गांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लॉक लैवल से जिला स्तर तक व्यापक तैयारियां की गई हैं। पिछले दिनों नगर निगम के पार्षदो से भी इस अभियान में सहयोग देने की अपील की गई है। ड्यूटी पर लगाए जाने वाले स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। इस अवसर पर जिला के प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एम पी सिंह भी उपस्थित थे जिन्होंने बताया कि प्रतिदिन टीकाकरण के बाद सिविल सर्जन द्वारा उस दिन के कार्य की समीक्षा की जाएगी। 

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