हरियाणा सिविल सचिवालय में अनोखा दृश्य

हरियाणा  सिविल सचिवालय में अनोखा दृश्य
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चंडीगढ़ 21 फरवरी- दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर दिल्ली के मुख्य सचिव पर कल हुए हमले के विरोध में आज प्रात: हरियाणा के 46 शीर्ष नौकरशाहों में से अधिकतर द्वारा काले बिल्ले लगाने जाने के बावजूद भी उन्होंने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा एक अभिनव योजना- ‘परिवर्तन’ का शुभारंभ करने पर उनका पूरा समर्थन किया। 

 

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यह अनोखा दृश्य आज प्रात: हरियाणा सिविल सचिवालय में उस समय देखा गया, जब मुख्यमंत्री ने 17 दिसंबर, 2017 को चिंतन शिविर के दौरान किए गए अपने वादे को पूरा करते हुए ‘परिवर्तन’ योजना का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य राज्य के 46 विकासात्मक खंडों में जीवन स्तर को सुधारने के लिए टीम हरियाणा की ऊर्जा का उत्प्रेरण और सदुपयोग करना है।

योजना का शुभारम्भ करने के उपरांत मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि योजना के तहत 46 शीर्ष आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को एक-एक खंड आबंटित किया गया है, जिसमें वे 10 चयनित समान क्षेत्रों और अपनी पसंद के एक क्षेत्र में कार्य करेंगे। इन दस क्षेत्रों में वित्तपोषण की सुविधा, कृषि को लाभप्रद और स्थिर बनाना, स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर वितरण, स्वच्छ भारत, भीड़ मुक्त बाज़ार, युवा संलग्नता, वायु प्रदूषण में कमी, पहचान संबंधित सेवाओं की उपलब्धता, प्रभावी पुलिसिंग और सडक़ व्यवस्था एवं सडक़ आचरण शामिल हैं।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि दस क्षेत्रों में से प्रत्येक के लिए तीन से सात मानदंड हैं, जिसके आधार पर अधिकारियों के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ आधार पर आकलन किया जाएगा। इनमें दस किलोमीटर क्षेत्र को दुर्घटना मुक्त बनाना, एक कस्बा या महाग्राम को आवारा पशुओं से मुक्त करना, सभी स्कूली विद्यार्थियों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करना और जघन्य अपराध में सभी एफआईआर में चार्जशीट दायर करना सुनिश्चित करने जैसे कार्य शामिल हैं।

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इन दस क्षेत्रों में आने वाले 38 मानदंडों के लिए अधिकतम 39 अंक होंगे और अधिकारियों द्वारा स्वयं स्कोरिंग की जाएगी। अधिकतम चार अंक ‘अधिकारी के पसंद का कोई भी क्षेत्र’ के लिए रखे गए हैं जो तीसरे पक्ष द्वारा ऑडिट किया जाएगा। हरियाणाा शासन सुधार प्राधिकरण (एचजीआरए) द्वारा सामाजिक लेखा परीक्षण के आधार पर सात अंक दिए जाएंगे। 

 

राज्य में लगभग तीन लाख कर्मचारियों का एक मजबूत कार्यबल है यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को इन 46 खंडों, जो राज्य के कुल क्षेत्रफल का एक तिहाई हैं, में लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभ सुनिश्चित करने के लिए उनकी सेवाएं लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल सरकार के उद्देश्य को पूरा करने में मदद मिलेगी बल्कि कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध होगा जिससे राज्य में एक मजबूत प्रशिक्षित कार्यबल में वृद्धि होगी।

उन्होंने प्रशासकीय सचिवों को आवंटित किए गए खंडों का कम से कम एक बार निजी तौर पर दौरा करने और सम्बंधित खंड एवं जिला अधिकारियों को योजना के बारे में जानकारी देने और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने 21 अप्रैल, सिविल सर्विस डे के अवसर पर अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करने का वायदा किया। 

 

15 से 17 दिसम्बर, 2017 तक हिमाचल प्रदेश के टिम्बर ट्रेल, परवाणु में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे एक अनूठा प्रयोग बताया जिसका उद्देश्य राज्य के लोगों का कल्याण करना है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने राज्य में सुशासन प्रदान करने के लिए कई कदम उठाए हैं। लोगों के साथ व्यापक परामर्श करने के उपरांत हम एक और सुधार कार्यक्रम के तहत हर महीने एक सुधार ला रहे हैं। इस श्रृंखला में राज्य सरकार ने तालाब प्रबंधन प्राधिकरण और किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया है। अगले महीने के लिए उन्होंने अंत्योदय पर लोगों के सुझाव आमंत्रित किए हैं ताकि सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभ योग्य व्यक्तियों तक पहुंच सकें। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है और राज्य में भ्रष्टाचार से मुक्त माहौल बनाया है। पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है और नौकरियां पूरी तरह से मैरिट आधार पर दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में लोगों के कल्याण के लिए बहुत कुछ कर रही है लेकिन सरकारी कर्मचारियों में और अधिक उत्साह भरने की आवश्यकता है ताकि वे समाज के हित में समर्पित रूप से कार्य कर सकें। 

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने ‘परिवर्तन’ योजना और टीम हरियाणा की भावना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। 

उन्होंने कहा कि दो महीने की लम्बी कवायद के बाद बड़े ही ध्यानपूर्वक योजना के तहत विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए मानदंड निर्धारित किये गए हैं ताकि प्रदर्शन को आंकने में किसी प्रकार की अस्पष्टता की संभावना न रहे।  

 

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